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हर हर महादेव के जयकारों के बीच काशीपुर पुलिस ने कांवरियों का किया भव्य स्वागत किया

काशीपुर में कांवरियों का जोरदार स्वागत करते हुए पुलिस ने ड्यूटी और सेवा का अद्भुत उदाहरण पेश किया, फल और पानी वितरित कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की।

काशीपुर।महाशिवरात्रि के पावन पर्व की रात के आगमन से पहले ही काशीपुर नगर में आस्था और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। दूर-दराज से आए श्रद्धालु कांवरियों के जत्थों ने हरिद्वार से पवित्र जल लेकर “बम भोले” और “हर हर महादेव” के उद्घोषों के बीच नगर की ओर प्रस्थान किया। नगर की गलियों और मुख्य मार्गों पर श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक समितियों ने विशेष व्यवस्था की थी। इस दौरान नगर पुलिस की भूमिका पूरे आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने में सबसे प्रमुख रही। कांवरियों की भीड़ और उत्साहपूर्ण वातावरण के बावजूद पुलिस ने ड्यूटी में अनुशासन और सेवा भावना का अद्भुत संगम दिखाया। कई स्थानों पर पुलिस कर्मियों ने श्रद्धालुओं को फल और पानी वितरित करते हुए उनके मन में सुरक्षा और सम्मान की भावना पैदा की। नगर के लोग और कांवरियों ने भी पुलिस के इस सेवा भाव की खुले दिल से सराहना की। इस पूरे आयोजन में यह स्पष्ट रूप से दिखा कि काशीपुर पुलिस केवल कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं बल्कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय सहयोगी भूमिका निभाती है। पुलिस की सतर्कता और सेवा ने यह संदेश दिया कि श्रद्धा और सुरक्षा एक साथ संभव हैं और इस पर्व को सुरक्षित और यादगार बनाने में प्रशासन पूरी तरह तल्लीन है।

नगर में प्रवेश करते ही कांवरियों का उत्साह चरम पर पहुँच गया। बड़े-बड़े जत्थे, जिनमें बुजुर्ग, युवा और महिलाएं शामिल थे, हाथों में कांवर लेकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजर रहे थे। उनके चेहरे पर भगवान शिव के प्रति गहरी भक्ति और आत्मिक उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। नगर की सड़कों पर पुष्प वर्षा और जलपान वितरण के साथ-साथ पुलिस ने यातायात और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था संभाली। भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के कारण पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस कर्मियों को कई स्थानों पर अपने हाथों से कांवरियों को सुरक्षित मार्ग दिखाते और भीड़ से निकालते देखा गया। इस दौरान पुलिस का अनुशासन और सेवा भावना दोनों स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। श्रद्धालुओं ने भी अपनी ओर से संयम और आस्था का परिचय देते हुए पुलिस के काम को सहज बनाने में मदद की। काशीपुर की सड़कों पर बने सुरक्षा और सेवा शिविर पुलिस की सक्रिय भूमिका का जीवंत उदाहरण बन गए।

कांवर यात्रा के दौरान नगर में जगह-जगह पुलिस की सक्रिय उपस्थिति ने सुरक्षा और सेवा का उत्कृष्ट संतुलन पेश किया। पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मार्गों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिस की विशेष टीमों ने भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और आपातकालीन सहायता के लिए पूरी तरह सतर्कता बरती। चिकित्सा सुविधा के लिए एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था पुलिस के दिशा-निर्देशों में सुनिश्चित की गई। कई स्थानों पर पुलिस कर्मियों को कांवरियों के कंधों पर रखी कांवर संभालते और उन्हें सुरक्षित मार्ग दिखाते देखा गया। पुलिस द्वारा फल और शीतल जल वितरित करने की यह पहल श्रद्धालुओं के बीच सेवा भावना और सुरक्षा का प्रतीक बन गई। श्रद्धालुओं ने भी पुलिस की इस संवेदनशील और सहयोगी भूमिका की खुले दिल से सराहना की।

नगर के विभिन्न मार्गों पर पुलिस ने सुरक्षा बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड और दिशा-निर्देश लगाए, जिससे कांवरियों की यात्रा सुचारू और व्यवस्थित बनी रही। प्रशासन की ओर से बनाई गई सुरक्षा टीमों ने न केवल ड्यूटी निभाई बल्कि श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन भी दिया। इस दौरान पुलिसकर्मी लगातार चौकसी बनाए रखते हुए भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन में मदद कर रहे थे। नगर के लोग और श्रद्धालु भी पुलिस के अनुशासन और सेवा भाव की सराहना करते हुए स्वयं सहयोग करते नजर आए। कांवरियों के स्वागत और मार्ग संचालन में पुलिस का यह समर्पण दर्शाता है कि काशीपुर प्रशासन धार्मिक आयोजनों को केवल व्यवस्था तक सीमित नहीं रखता बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी उन्हें समर्थ बनाता है।

महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर नगर में उमड़ी आस्था की धारा ने धार्मिक और सामाजिक एकता की मजबूत नींव को उजागर किया। कांवरियों के स्वागत के लिए नगर में स्थापित सेवा शिविरों और व्यवस्थाओं में पुलिस की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को व्यवस्थित, सुरक्षित और प्रेरक बना दिया। श्रद्धालुओं ने अनुशासन और संयम का परिचय देते हुए अपनी आस्था का प्रदर्शन किया, जबकि पुलिस ने सुरक्षा और सेवा के साथ-साथ मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया। पुलिस के अनुशासन और सेवा के इस संतुलन ने लोगों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाया और प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत किया। नगर के नागरिकों ने भी पुलिस की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों में प्रशासन और जनता का सहयोग ही सफलता की कुंजी है।

कांवड़ यात्रा में पुलिस द्वारा निभाई गई जिम्मेदारियां न केवल सुरक्षा और मार्गदर्शन तक सीमित रहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति सेवा भाव का अद्भुत उदाहरण भी प्रस्तुत किया। कई स्थानों पर पुलिस कर्मियों ने स्वयं कांवरियों को विश्राम स्थलों तक पहुंचाया, उनकी सहायता की और उनके लिए ठंडे पानी और फल उपलब्ध कराए। पुलिस की यह सक्रिय भूमिका यह दर्शाती है कि प्रशासन धार्मिक आयोजनों में सहभागी होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के अनुभव को सहज और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सेवा भावना और अनुशासन के समन्वय ने नगर में महाशिवरात्रि को एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव बना दिया।

नगर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं की भीड़ और उत्साह ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग दिया। स्थानीय नागरिकों और प्रशासन की ओर से किए गए स्वागत समारोहों ने आस्था और सेवा का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। पुलिस ने हर मोड़ पर कांवरियों की सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहायता सुनिश्चित की। इस दौरान पुलिसकर्मियों की कार्यशैली में सख्ती और संवेदनशीलता का अद्भुत संतुलन देखने को मिला। यह संतुलन श्रद्धालुओं के मन में प्रशासन के प्रति सम्मान और भरोसा पैदा कर रहा था। नगर के विभिन्न मार्गों पर पुलिस की उपस्थिति ने आस्था और सुरक्षा के सामंजस्य को स्थापित किया और धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में मदद की।

महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर नगर की सड़कों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और पुलिस की सक्रिय भूमिका ने धार्मिक और सामाजिक समरसता का एक अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत किया। पुलिस की सतर्कता और सेवा ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं का मार्ग सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित हो। विभिन्न मार्गों पर फल और जल वितरित करने, भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और आपातकालीन सहायता प्रदान करने में पुलिस ने पूरी तरह से सक्रिय भूमिका निभाई। इस सेवा और सुरक्षा के संतुलन ने नगर के लोगों और श्रद्धालुओं में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ाया और महाशिवरात्रि के पर्व को एक सफल और यादगार आयोजन बनाया।

श्रद्धा, सेवा और सुरक्षा के इस अद्भुत त्रिवेणी संगम ने काशीपुर नगर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व को न केवल यादगार बल्कि अविस्मरणीय बना दिया। इस आयोजन में पुलिस की सक्रिय भागीदारी, अनुशासनपूर्ण व्यवहार और संवेदनशील दृष्टिकोण ने नगर और श्रद्धालुओं के बीच विश्वास, सहयोग और सामूहिक एकता को और मजबूती प्रदान की। कांवरियों के स्वागत और मार्गदर्शन में पुलिसकर्मियों की उपस्थिति ने स्पष्ट संदेश दिया कि धार्मिक आयोजनों में प्रशासन का सहयोग केवल नियम-व्यवस्था और सुरक्षा तक सीमित नहीं बल्कि सेवा, सहायता और श्रद्धालुओं के प्रति मानवतापूर्ण दृष्टिकोण का प्रतीक भी है। नगर के लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने पुलिस के इस समर्पित प्रयास की खुले मन से सराहना की। इस महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बनी आस्था, सेवा और सुरक्षा की यह अनूठी मिसाल आने वाले वर्षों में भी प्रेरणास्त्रोत बनेगी।

इस पूरे धार्मिक आयोजन के दौरान पुलिस की सतत सक्रियता और सेवा भावना ने नगर में श्रद्धालुओं के मन में विश्वास और सम्मान दोनों को मजबूत किया। हर मोड़ पर तैनात पुलिसकर्मी न केवल भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन में लगे रहे, बल्कि स्वयं श्रद्धालुओं को मार्ग दिखाते, उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाते और उनकी सहायता करते दिखाई दिए। कई स्थानों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कांवरियों को फल, पानी और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई, जिससे उनके यात्रा अनुभव को आरामदायक और सुरक्षित बनाया गया। पुलिस का यह समर्पित प्रयास केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा बल्कि सेवा और मानवता का अद्भुत उदाहरण बन गया। नगर के नागरिकों ने भी पुलिस की इस प्रतिबद्धता की खुले दिल से सराहना की। इस प्रकार, काशीपुर पुलिस ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आस्था, सुरक्षा और सेवा का ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया, जो आने वाले वर्षों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
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