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हरिद्वार प्रेस क्लब चुनाव में धर्मेंद्र चौधरी और सूर्यकांत बेलवाल की प्रचंड जीत ने रचा नया इतिहास

धर्मेंद्र चौधरी और सूर्यकांत बेलवाल की ऐतिहासिक जोड़ी ने भारी मतों के अंतर से विरोधियों को दी करारी शिकस्त और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स एलायंस का प्रेस क्लब की सत्ता पर फिर लहराया परचम।

हरिद्वार। मीडिया गलियारों में पिछले कई हफ्तों से जिस चुनावी ज्वालामुखी के फटने का इंतजार किया जा रहा था, वह रविवार को भारी मतदान और गगनभेदी नारों के बीच पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। हरिद्वार प्रेस क्लब के वार्षिक चुनाव के इन नतीजों ने न केवल शहर की सत्ता में बैठे रसूखदारों को चौंका दिया है, बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का शंखनाद भी कर दिया है। इस बार के महामुकाबले में धर्मेंद्र चौधरी ने अपनी कद्दावर छवि और अटूट संगठनात्मक पकड़ का प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष पद पर दोबारा कब्जा जमा लिया है। प्रेस क्लब के मुख्य सभागार में सुबह की पहली किरण के साथ ही जो हलचल शुरू हुई थी, उसने शाम ढलते-ढलते एक बड़े सियासी उलटफेर का रूप ले लिया। यह चुनाव महज पदों का बंटवारा नहीं था, बल्कि हरिद्वार की कलम के सिपाहियों की साख और उनके भविष्य की दिशा तय करने वाला एक निर्णायक युद्ध साबित हुआ है, जिसमें विपक्षी खेमे को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

चुनावी रणभेरी के बीच नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) की अगुआई वाले एलायंस ने शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा और प्रतिद्वंदियों को उभरने का कोई मौका नहीं दिया। धर्मेंद्र चौधरी ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी अश्वनी अरोड़ा को 50 मतों के विशाल अंतर से धूल चटाकर यह साबित कर दिया कि उनके नेतृत्व पर आज भी क्लब के सदस्यों को अटूट भरोसा है। मतदान प्रक्रिया के दौरान जिस तरह की गहमागहमी और उत्साह देखने को मिला, उसने यह साफ कर दिया कि पत्रकार साथी एक मजबूत और जुझारू नेतृत्व की तलाश में थे। अध्यक्ष पद की इस रोमांचक जंग में धर्मेंद्र चौधरी को कुल 84 वोट प्राप्त हुए, जबकि विपक्षी खेमा उनकी रणनीति के सामने पूरी तरह धराशायी नजर आया। इस महाविजय के बाद पूरे परिसर में अबीर-गुलाल उड़ने लगा और ढोल की थाप पर पत्रकारों ने जमकर नृत्य किया, जिससे माहौल किसी बड़े उत्सव जैसा प्रतीत होने लगा था।

सत्ता के इस महासंग्राम में महामंत्री पद के लिए भी कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन यहाँ भी एलायंस के जांबाज सिपाही और जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखंड के कद्दावर नेता सूर्यकांत बेलवाल ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर दी। सूर्यकांत बेलवाल ने अपने प्रतिद्वंद्वी हिमांशु द्विवेदी को 52 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त देकर महामंत्री की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। सूर्यकांत बेलवाल की इस जीत ने संगठन के भीतर उनकी गहरी पैठ और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता को एक बार फिर से प्रमाणित कर दिया है। उन्हें चुनाव में कुल 86 मत मिले, जो इस बात का प्रतीक है कि प्रेस क्लब का हर वर्ग उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है। इस जीत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुभव और समर्पण की आज भी कितनी महत्ता है, क्योंकि मतदाताओं ने किसी भी तरह के प्रलोभन या दबाव में न आकर एक स्वच्छ और सक्षम नेतृत्व को चुना है।

इस चुनावी महाकुंभ को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी मुख्य चुनाव अधिकारी प्रदीप गर्ग के कंधों पर थी, जिन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर लोकतंत्र की इस प्रक्रिया को बखूबी अंजाम दिया। सहायक चुनाव अधिकारी डॉ मनोज सोही और लव शर्मा ने हर एक कदम पर सतर्कता बरतते हुए यह सुनिश्चित किया कि मतदान से लेकर मतगणना तक कहीं भी कोई त्रुटि न रह जाए। क्लब के सदस्यों ने भी अनुशासन का परिचय देते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसकी सराहना पूरे उत्तराखंड के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हो रही है। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि यह चुनाव क्लब के इतिहास में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत वाले चुनावों में से एक रहा है, जो पत्रकारों के भीतर अपने संगठन के प्रति बढ़ती जागरूकता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में भी इस बार ऊर्जावान और अनुभवी चेहरों का एक ऐसा गुलदस्ता तैयार हुआ है, जो आने वाले समय में प्रेस क्लब की कार्यप्रणाली को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में संजीव शर्मा, डॉक्टर शिवा अग्रवाल, कुमार दुष्यंत, शैलेंद्र सिंह, कुमकुम शर्मा, सुदेश आर्या, बालकृष्ण शास्त्री, तनवीर अली, केके पालीवाल, अमित कुमार शर्मा, ललितेंद्र नाथ, जोगेंद्र सिंह मावी, रोहित सिखोला, विकास चौहान, देवेंद्र शर्मा, कुलभूषण शर्मा, नरेश दीवान शैली, आफताब खान, शिव प्रकाश शिव और महताब आलम ने विजय श्री का वरण किया है। इन सभी सदस्यों की जीत ने यह सुनिश्चित किया है कि आगामी सत्र में क्लब का प्रशासन केवल चंद हाथों में न रहकर एक सामूहिक और सशक्त टीम के द्वारा संचालित किया जाएगा, जो पत्रकारों के कल्याण के लिए दिन-रात समर्पित रहेगी।

जैसे ही परिणामों की घोषणा हुई, वैसे ही हरिद्वार की फिजाओं में जीत की गूंज सुनाई देने लगी और बधाई देने वालों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि प्रेस क्लब का परिसर छोटा पड़ने लगा। बधाई देने वालों की सूची में शहर के वरिष्ठ पत्रकार और सम्मानित हस्तियां शामिल थीं, जिनमें डॉ शिव शंकर जायसवाल, आदर्श त्यागी, सुनील दत्त पांडे, रामचंद्र कन्नौजिया, बृजेंद्र हर्ष, गुलशन नैय्यर, दीपक नौटियाल, राजेश शर्मा, राहुल वर्मा, सुनील पाल, विक्रम सिद्धू, त्रिलोक चंद भट्ट, राजकुमार, सुमित यशकल्याण, और पार्षद भूपेंद्र कुमार के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इन सभी वरिष्ठों ने नवनिर्वाचित टीम को फूलों से लाद दिया और यह विश्वास व्यक्त किया कि धर्मेंद्र चौधरी और सूर्यकांत बेलवाल की यह जोड़ी पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनकर उभरेगी और संगठन की मर्यादा को कभी आंच नहीं आने देगी।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गजों ने भी इस जीत को लोकतंत्र की खूबसूरती बताते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। शुभकामना देने वालों में व्यापारी नेता डॉ. विशाल गर्ग, कांग्रेस के तेजतर्रार राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, कांग्रेस नेता मनोज सैनी, कांग्रेस नेता सोम त्यागी, विकास चंद्रा, श्रवण झा, गुरप्रीत कालरा, प्रतिभा वर्मा, मुकेश वर्मा, सुभाष कपिल, राव रियासत पुंडीर, राधेश्याम विद्याकुल, नवीन चौहान, मनोज रावत, स्वरूप पुरी, एम.एस. नवाज, आशीष मिश्रा, पुलकित शुक्ला, सुमित यशकल्याण, राजकुमार पाल और सोनू जैसे नाम शामिल हैं। इन नेताओं ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और हरिद्वार प्रेस क्लब ने हमेशा से ही जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है, ऐसे में एक सशक्त टीम का चुनकर आना पूरे जनपद के लिए सुखद संकेत है।

इस ऐतिहासिक जीत के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने भावुक होते हुए सभी मतदाता साथियों का आभार जताया और कहा कि यह जीत उनकी नहीं बल्कि सच्चाई और पत्रकारिता के मूल्यों की जीत है। उन्होंने अपनी भावी योजनाओं का खाका खींचते हुए बताया कि वे जल्द ही पत्रकारों के लिए सामूहिक बीमा, आवासीय सुविधा और स्वास्थ्य शिविरों जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करेंगे। वहीं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि वे संगठन के भीतर गुटबाजी को समाप्त कर सभी को एक मंच पर लाने का प्रयास करेंगे ताकि हरिद्वार की आवाज को राज्य और केंद्र सरकार तक पुरजोर तरीके से पहुंचाया जा सके। उनके इन वादों ने पत्रकार साथियों में एक नया उत्साह और उम्मीद जगा दी है।

चुनाव के दौरान प्रेस क्लब के बाहर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे और खुफिया विभाग की भी नजरें इस संवेदनशील चुनाव पर टिकी हुई थीं। लेकिन पत्रकारों के परिपक्व व्यवहार और चुनाव अधिकारियों की सूझबूझ ने किसी भी अप्रिय स्थिति को पैदा नहीं होने दिया। विपक्षी उम्मीदवारों ने भी खेल भावना का परिचय देते हुए नवनिर्वाचित टीम को बधाई दी, जो हरिद्वार की पत्रकारिता की स्वस्थ परंपरा को दर्शाता है। जीत के जश्न के बीच देर रात तक क्लब में आतिशबाजी का दौर चलता रहा और यह साफ हो गया कि आगामी एक वर्ष तक हरिद्वार की पत्रकारिता का केंद्र बिंदु यही नवनिर्वाचित टीम रहने वाली है।

आगामी दिनों में आयोजित होने वाला शपथ ग्रहण समारोह और भी भव्य होने की उम्मीद है, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। पत्रकारों की इस जीत ने यह संदेश दे दिया है कि जब बात हक और इंसाफ की होती है, तो कलम के सिपाही किसी भी चुनौती से टकराने के लिए तैयार रहते हैं। धर्मेंद्र चौधरी और उनकी टीम के कंधों पर अब एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे निभाने के लिए वे पूरी तरह तैयार दिख रहे हैं। हरिद्वार प्रेस क्लब के इस चुनाव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संगठन की शक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति है और एकता के सूत्र में बंधकर ही पत्रकारिता के गौरव को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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