काशीपुर। लगातार फैलती गंदगी और जगह-जगह सड़कों पर बिखरे कचरे की दुर्गंध के बीच काशीपुर में आखिरकार नगर निगम ने सख्ती दिखाते हुए सक्रिय रुख अपनाया है। बीते दो से तीन दिनों से शहर के कई हिस्सों में कचरे के ढेर खुलेआम पड़े रहना न केवल स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का कारण बना, बल्कि राहगीरों के लिए भी असुविधा का सबब बन गया। मोहल्लों में फैली बदबू, बरसात के मौसम में पनपते मच्छरों और मक्खियों की बढ़ती संख्या से आमजन का जीना मुहाल हो गया। इस बीच सहर प्रजातंत्र न्यूज ने इस गंभीर मुद्दे को लगातार अपनी खबरों में प्रमुखता से उठाया, कचरे के ढेरों की तस्वीरें और रिपोर्टें प्रसारित करते हुए नगर निगम के कामकाज पर सवाल खड़े किए। समाचारों के सिलसिलेवार प्रसारण और नागरिकों में बढ़ते आक्रोश ने नगर निगम प्रशासन को तुरंत हरकत में ला दिया। नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट ने स्वयं इस विषय पर विशेष वार्ता करते हुए विस्तृत जानकारी दी और समस्या के मूल कारणों को स्पष्ट किया।
नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट ने ‘‘सहर प्रजातंत्र’’ को बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था ठप होने की सबसे बड़ी वजह टचिंग ग्राउंड में बारिश का लगातार पानी भर जाना रहा। भारी वर्षा के चलते टचिंग ग्राउंड के भीतर जमा पानी कचरे को बहाकर आसपास के खेतों में पहुंचा रहा था। इस कारण टचिंग ग्राउंड के आसपास के किसानों में नाराज़गी फैल गई और उन्होंने साफ तौर पर कचरे से भरी गाड़ियों को वहां प्रवेश करने से रोक दिया। किसानों का कहना था कि गंदा पानी और कचरा खेतों में जाकर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, साथ ही आसपास का वातावरण असहनीय बदबू से भर गया है। इस विरोध के कारण शहर से कचरे की ढुलाई का काम ठप हो गया और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। परिणामस्वरूप, काशीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में कचरे के ढेर जमा होते चले गए और लोगों की परेशानियां बढ़ती चली गईं।
रविन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि नगर निगम ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल किसानों से बातचीत शुरू की। नगर आयुक्त ने बताया कि आपसी वार्ता और समझाइश के बाद मामला सुलझा लिया गया है। निगम ने किसानों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही टचिंग ग्राउंड के चारों ओर मजबूत दीवार का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बारिश के दौरान गंदा पानी और कचरा खेतों में नहीं पहुंचेगा। इसके साथ ही, निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक दीर्घकालिक योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। नगर निगम का कहना है कि इस प्रकार की परिस्थिति भविष्य में न उत्पन्न हो, इसके लिए आवश्यक सभी तकनीकी और संरचनात्मक उपाय अपनाए जाएंगे। ‘‘सहर प्रजातंत्र न्यूज’’ द्वारा इस मुद्दे पर लगातार रिपोर्टिंग किए जाने को भी प्रशासन ने महत्वपूर्ण माना और स्वीकार किया कि मीडिया की सक्रियता ने इस मामले में त्वरित एक्शन लेने के लिए प्रेरित किया।
वार्ता के दौरान नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट ने साफ चेतावनी दी कि अब शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी और ठेकेदारों की कार्यशैली पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि यदि सफाई कार्य में लगे ठेकेदार अपनी जिम्मेदारियों का पालन सही ढंग से नहीं करेंगे, तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर नगर निगम और ठेकेदार के बीच हुए अनुबंध को भी रद्द करने में निगम पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि शहरवासियों को गंदगी और दुर्गंध से राहत दिलाना नगर निगम की जिम्मेदारी है और इसे पूरी ईमानदारी और तत्परता के साथ निभाया जाएगा। उनका कहना था कि सफाई व्यवस्था में सुधार केवल ठेकेदारों के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि निगम स्वयं इस पर प्रत्यक्ष निगरानी रखेगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब मीडिया जनता की आवाज बनकर सच्चाई को प्रशासन तक पहुंचाती है, तो नतीजे तेज और असरदार होते हैं। ‘‘सहर प्रजातंत्र न्यूज’’ द्वारा लगातार और निर्भीकता से इस मुद्दे को उठाना न केवल जनता के हित में साबित हुआ, बल्कि प्रशासन को भी यह अहसास दिलाया कि नागरिक समस्याओं की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। नगर निगम का त्वरित एक्शन और किसानों के साथ संवाद इस बात का प्रमाण है कि जब समस्या का समाधान गंभीरता से खोजा जाए तो कुछ ही दिनों में ठोस नतीजे सामने आ सकते हैं। अब शहरवासियों को उम्मीद है कि टचिंग ग्राउंड पर दीवार बनने के बाद न केवल किसानों की परेशानी दूर होगी, बल्कि बरसात के मौसम में खेतों में गंदा पानी और कचरा फैलने की समस्या भी खत्म हो जाएगी। साथ ही, सफाई व्यवस्था में निरंतर सुधार होने से शहर की सूरत भी बदलने की संभावना बढ़ जाएगी।
काशीपुर में हालिया घटनाक्रम इस बात का उदाहरण है कि प्रशासन, मीडिया और जनता की संयुक्त भूमिका से किसी भी समस्या का हल निकाला जा सकता है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम अपने वादों को कितनी तेजी और ईमानदारी से पूरा करता है। नगर आयुक्त की सख्त चेतावनी और ठेकेदारों पर निगरानी की घोषणा से साफ है कि आने वाले समय में सफाई व्यवस्था में लापरवाही की गुंजाइश बेहद कम रह जाएगी। जनता को भी उम्मीद है कि निगम इस मामले को केवल तात्कालिक समाधान तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे एक अवसर के रूप में लेकर शहर में स्वच्छता की स्थायी और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। काशीपुर की सड़कों से गंदगी और कचरे के ढेर हटने के बाद ही यह साफ होगा कि प्रशासन की यह सक्रियता केवल तात्कालिक दबाव का परिणाम थी या वास्तव में शहर को साफ-सुथरा बनाने की एक गंभीर पहल।



