काशीपुर। खोखराताल रोड स्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के कॉलेज ऑफ फार्मेसी में हाल ही में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शिक्षाप्रद वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय था वित्तीय साक्षरता और साइबर जागरूकता। इस कार्यक्रम में छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय वित्तीय शिक्षा केंद्र से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षक रचित दीक्षित ने भाग लिया। रचित दीक्षित ने विद्यार्थियों को वित्तीय सुरक्षा, डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के साथ-साथ व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के बारे में मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि कैसे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना, संदिग्ध मैसेज का जवाब देना, या किसी अनजान ऐप को डाउनलोड करना आपके बैंक अकाउंट के लिए खतरा पैदा कर सकता है। विद्यार्थियों को समझाया गया कि अपने ओटीपी और बैंक विवरण को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए और केवल विश्वसनीय ऐप्स और वेबसाइट का उपयोग करना चाहिए।
वर्कशॉप के दौरान वित्तीय शिक्षा प्रशिक्षक रचित दीक्षित ने विद्यार्थियों को वित्तीय निर्णयों की समझ विकसित करने की महत्ता भी बताई। उन्होंने कहा कि सही और सोच-समझकर किए गए वित्तीय फैसले किसी व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाते हैं और उसकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि अगर व्यक्ति समय पर अपने खर्च, निवेश और बचत का प्रबंधन नहीं करता, तो भविष्य में उसे गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाले साइबर अपराधों से बचाव के लिए उपाय भी बताएं। विद्यार्थियों ने ध्यानपूर्वक सभी निर्देश सुने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस कार्यशाला में छात्रों की भागीदारी उत्साहवर्धक और सक्रिय रही, जिससे यह कार्यक्रम और भी प्रभावशाली बन गया।

इस अवसर पर संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश सिंह चौहान और चेयरमैन गोपाल सिंह चौहान ने इस वर्कशॉप की सराहना की और इसे समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में वित्तीय साक्षरता और साइबर जागरूकता केवल छात्रों के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी है। महेश सिंह चौहान और गोपाल सिंह चौहान ने इस तरह के आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया, ताकि विद्यार्थी तकनीकी और वित्तीय दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से छात्रों में आत्मनिर्भरता, सोच-समझकर निर्णय लेने की क्षमता और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित होती है। उपस्थित अधिकारियों ने यह भी उल्लेख किया कि भविष्य में और अधिक विषयों पर इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक जीवन के लिए भी तैयार हों।
वर्कशॉप में कॉलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. कपिल कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल सुरक्षा के बारे में सही जानकारी देने के लिए इस प्रकार के सत्रों का आयोजन आवश्यक है। डॉ. कपिल कुमार ने यह भी कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता और वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस वर्कशॉप में प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक जीवन में लागू करें और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहें। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने साथियों और परिवार में भी इस ज्ञान का प्रसार करें।

वर्कशॉप के दौरान वाइस प्रिंसिपल डॉ. अमित सेन ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल बैंकिंग और निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर पहलू में जिम्मेदारी और सोच-समझकर निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करती है। डॉ. अमित सेन ने कहा कि साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक होना आज के डिजिटल युग में अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया, ऑनलाइन लेन-देन और मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करते समय हमेशा सतर्क रहें। इस अवसर पर शुभम, दक्ष, शिवानी, रीना, सानिया, मीनाक्षी, संदीप, योगेश, विपिन, मनीषा, संगीता, अंशिका, नेहा, स्तुति और विनीता सहित सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों के साथ मिलकर सत्र में भाग लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने वित्तीय शिक्षा प्रशिक्षक रचित दीक्षित द्वारा साझा किए गए जानकारीपूर्ण टिप्स और सुरक्षा उपायों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने वित्तीय निर्णयों में विवेक और साइबर सुरक्षा में सतर्क रहने के महत्व को समझा। छात्रों ने प्रश्न पूछकर अपने संदेह दूर किए और वास्तविक जीवन में इन नियमों और सुझावों को लागू करने का संकल्प लिया। वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह और गंभीरता दोनों देखने को मिली। उनके शिक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनकी सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की। इस प्रकार यह वर्कशॉप न केवल ज्ञानवर्धक थी, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में व्यावहारिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई।

कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के प्रमुख अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय साक्षरता और साइबर जागरूकता आज के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है, क्योंकि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा और सही निर्णय लेने की क्षमता उनके जीवन में स्थायी प्रभाव डालती है। महेश सिंह चौहान, गोपाल सिंह चौहान और डॉ. कपिल कुमार ने सभी उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि इस वर्कशॉप के माध्यम से छात्रों में न केवल जागरूकता बढ़ी, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और सतर्क नागरिक बनने की दिशा में भी मार्गदर्शन मिला।
इस प्रकार खोखराताल रोड स्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के कॉलेज ऑफ फार्मेसी में आयोजित यह वित्तीय साक्षरता और साइबर जागरूकता वर्कशॉप शिक्षा, सुरक्षा और जिम्मेदारी का अनूठा संगम साबित हुआ। इस अवसर ने छात्रों को अपने वित्तीय और डिजिटल जीवन के प्रति जागरूक बनाया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। संस्था के अधिकारियों, प्रशिक्षक और स्टाफ की सक्रिय भागीदारी ने इसे और भी प्रभावशाली बना दिया। भविष्य में इस प्रकार के और कार्यक्रम आयोजित करने की योजना तैयार की जा रही है, ताकि छात्रों को आधुनिक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके और उन्हें सुरक्षित, जिम्मेदार और सतर्क नागरिक बनने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके।





