काशीपुर।शहर के शैक्षणिक माहौल में उस समय एक अलग ही ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला जब खोखराताल रोड स्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में योग शिविर का भव्य आयोजन किया गया। स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में संस्थान के विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योगाभ्यास कर अपने दिन की शुरुआत ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ की। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में परिसर का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और स्वास्थ्यवर्धक माहौल में परिवर्तित दिखाई दिया। योग के महत्व को समझने और उसे जीवन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मैदान में एक साथ सैकड़ों छात्र-छात्राओं को योगाभ्यास करते देखना अपने आप में प्रेरणादायक दृश्य बन गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योग की क्रियाओं का अभ्यास कराना ही नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों को यह समझाना भी था कि नियमित योग और प्राणायाम किस प्रकार शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रबंधन और शिक्षकों ने भी छात्रों को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
शिविर में कॉलेज आफ फार्मेसी, कॉलेज आफ नर्सिंग, कॉलेज ऑफ लॉ, कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंस तथा डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। सुबह की ताजी हवा और शांत वातावरण में जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं एक साथ योग क्रियाएं कर रहे थे, तब पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा। विद्यार्थियों ने अनुशासन के साथ योग प्रशिक्षकों के निर्देशों का पालन किया और ध्यान, श्वास अभ्यास तथा विभिन्न आसनों के माध्यम से शरीर और मन को संतुलित रखने की प्रक्रिया को सीखा। इस अवसर पर कई विद्यार्थियों ने कहा कि योग के नियमित अभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि पढ़ाई में एकाग्रता भी बढ़ती है। कई छात्र-छात्राओं के लिए यह अनुभव नया था, लेकिन उन्होंने पूरे मनोयोग से इसमें भाग लिया और कार्यक्रम के अंत तक उत्साह बनाए रखा। आयोजन के दौरान संस्थान का परिसर स्वास्थ्य जागरूकता और सकारात्मक सोच का केंद्र बन गया।
इस विशेष योग शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ योग गुरु डॉ आर सी शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने अनुभव और ज्ञान से छात्रों को योग के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के प्राणायाम और योगासन कराए तथा उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक कारणों को भी सरल भाषा में समझाया। डॉ शर्मा ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन योग और प्राणायाम इन समस्याओं से बचाव का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी और अन्य महत्वपूर्ण प्राणायाम के अभ्यास कराए और बताया कि इनका नियमित अभ्यास करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और मन में सकारात्मकता आती है। योग गुरु डॉ आर सी शर्मा ने यह भी कहा कि यदि युवा पीढ़ी योग को अपने जीवन का हिस्सा बना ले तो वह न केवल स्वस्थ रह सकती है बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश सिंह चौहान भी मौजूद रहे और उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा पढ़ाई और करियर की दौड़ में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि अपने स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में योग शिविर जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को यह याद दिलाते हैं कि स्वस्थ शरीर और शांत मन के बिना सफलता प्राप्त करना संभव नहीं है। महेश सिंह चौहान ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि वे प्रतिदिन कुछ समय योग और प्राणायाम के लिए निकालें तो उनका जीवन अधिक संतुलित और सकारात्मक बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान का प्रयास रहेगा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं ताकि छात्र-छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन गोपाल सिंह चौहान ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया और योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाती है। गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि भारत की प्राचीन संस्कृति में योग का विशेष स्थान रहा है और आज पूरी दुनिया इस परंपरा को अपना रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि वे नियमित रूप से योग का अभ्यास करें तो वे अपने जीवन में आने वाली कई चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास और संतुलन के साथ कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व का समग्र विकास करना भी है। योग शिविर जैसे कार्यक्रम इसी उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
योग शिविर के सफल आयोजन में संस्थान के अन्य शिक्षकों और अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में सुरेश सिंह चौहान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान निदेशक फार्मेसी डॉ कपिल चौहान, डिग्री कॉलेज प्रिंसिपल डॉ सीमा चौहान, वाइस प्रिंसिपल डॉ सुषमा, वाइस प्रिंसिपल नर्सिंग डॉ श्रुति करार तथा वाइस प्रिंसिपल फार्मेसी डॉ अमित सेन भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल हुए। सभी शिक्षकों ने छात्रों को योग के महत्व के बारे में बताया और उन्हें इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान संस्थान का पूरा स्टाफ भी मौजूद रहा और सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया। शिक्षकों ने छात्रों के साथ योगाभ्यास में भी भाग लिया, जिससे विद्यार्थियों का उत्साह और बढ़ गया।

समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई विद्यार्थियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक बनाते हैं। उन्होंने बताया कि योगाभ्यास के बाद उन्हें मानसिक शांति और ऊर्जा का अनुभव हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से योग का अभ्यास करेंगे और अपने दोस्तों तथा परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में सकारात्मकता और उल्लास का माहौल बना रहा। अंततः यह योग शिविर न केवल एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम बनकर सामने आया, बल्कि छात्रों को अनुशासन, संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देने वाला प्रेरक आयोजन भी साबित हुआ।





