काशीपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर में लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने ब्रह्मनगर लिंक रोड एवं ढकिया रोड क्षेत्र में स्थित उस दुर्घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया, जहाँ हाल ही में एक दर्दनाक हादसे में एक युवक की जान चली गई थी। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य न केवल दुर्घटना के कारणों की गहराई से पड़ताल करना था, बल्कि आने वाले समय में विशेष रूप से कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात को सुरक्षित, सुचारु और नियंत्रित बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति को ज़मीन पर उतारना भी था। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट शब्दों में यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उनके तेवर सख्त दिखाई दिए और उन्होंने साफ किया कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है, चाहे उसके लिए कितने ही कठोर कदम क्यों न उठाने पड़ें।
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में जाएँ तो दिनांक 08 फरवरी को ग्राम ब्रह्मनगर क्षेत्र में घटित यह दुर्घटना पूरे इलाके को झकझोर देने वाली थी। एक अज्ञात भारी वाहन ने मोटरसाइकिल संख्या UK18L7445 को टक्कर मार दी, जिस पर सवार अनिल पुत्र करन सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसा इतना भीषण था कि स्थानीय लोग भी स्तब्ध रह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए जांच शुरू की। पुलिस टीमों की सक्रियता का परिणाम यह रहा कि दुर्घटना में शामिल डंपर संख्या UP 22 AT 5045 को शीघ्र चिन्हित कर कब्जे में ले लिया गया। फिलहाल इस मामले में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक लापरवाह ड्राइविंग और नियमों की अनदेखी लोगों की जान लेती रहेगी।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केवल कागज़ी योजनाएँ नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएँ। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर पहले भी दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, उन्हें केवल चिन्हित कर छोड़ देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहाँ मौजूद हर उस कमी को दूर किया जाना चाहिए, जो हादसों को न्योता देती है। सड़क की बनावट, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक, स्पीड ब्रेकर और पुलिस की मौजूदगी—हर पहलू पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। एसएसपी ने अधिकारियों से यह भी कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न बने, बल्कि उसका उद्देश्य वास्तविक सुधार होना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन का भरोसा मिल सके।

आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी संदर्भ में एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बनाए रखना इस समय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारी वाहनों का रूट डायवर्जन पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए और इसका उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो। एसएसपी ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
तकनीकी संसाधनों के उपयोग पर ज़ोर देते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने संवेदनशील और दुर्घटना संभावित मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक की मदद से ही आज के समय में अपराध और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। कंट्रोल रूम से इन कैमरों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या यातायात नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी समझाया कि कैमरे केवल निगरानी का साधन नहीं हैं, बल्कि यह आम नागरिकों में नियमों के पालन की भावना को भी मजबूत करते हैं। जब लोगों को यह अहसास होता है कि हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, तो लापरवाही अपने आप कम होती है।
ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किए गए क्षेत्रों को लेकर भी एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनपद में ऐसे सभी स्थान, जहाँ बार-बार दुर्घटनाएँ होती रही हैं, वहाँ नियमित अंतराल पर निरीक्षण किया जाए और सुरक्षा से जुड़ी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। सड़क किनारे अवैध कट, खराब रोशनी, अनियंत्रित गति और संकेतकों की कमी जैसे कारणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। एसएसपी का मानना है कि यदि इन बिंदुओं पर समय रहते काम किया जाए, तो बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को यह भी चेताया कि लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अवैध भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर भी प्रशासन अब किसी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि जहाँ भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, वहाँ लोहे के मजबूत बैरियर लगाए गए हैं और इनका सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे किसी भी वाहन को, जो नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाए, तुरंत रोका जाए और उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि अधिकांश गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में भारी वाहन ही शामिल पाए जाते हैं, इसलिए इन पर नियंत्रण बेहद आवश्यक है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को नियमित चेकिंग अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

विद्यालयों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी एसएसपी ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्कूल समय के दौरान सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ और तेज रफ्तार वाहन बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विशेष पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि छात्रों का सड़क पार करना और आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रहे। एसएसपी ने यह भी कहा कि अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि सामूहिक प्रयासों से बच्चों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों और कांवड़ यात्रा में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस लगातार निगरानी रखेगी और प्रभावी कदम उठाती रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—जनपद की सड़कों को सुरक्षित बनाना और हर नागरिक को यह विश्वास दिलाना कि उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय मुस्तैद है।





