काशीपुर। नगर निगम में शुक्रवार को भावनाओं से भरा एक अनोखा दृश्य उस समय सामने आया जब विभाजन विभीषिका के पीड़ित परिवारों के बुजुर्गों को महापौर दीपक बाली ने सम्मानित किया। नगर निगम पहुंचे इन परिवारों के सदस्यों ने आजादी के दौर की पीड़ा को याद करते हुए कहा कि उनके पूर्वजों ने देश की स्वतंत्रता के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया और उसी त्याग को मान्यता देते हुए नगर निगम में उन्हें सम्मानित किया जाना उनके लिए अविस्मरणीय है। महापौर ने न केवल उन्हें सम्मानित किया बल्कि उनके महान योगदान को भी नमन किया। इस मौके पर गढ़ीनेगी क्षेत्र से आए बुजुर्गों ने भी महापौर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो आदर और सम्मान मिला है, वह उनकी भावनाओं को शब्दों से परे छू गया है और इस आयोजन को वह कभी नहीं भूल पाएंगे।
विभाजन पीड़ा झेल चुके इन परिवारों ने बताया कि इतने वर्षों बाद भी जब उनके त्याग को सार्वजनिक मंच पर सम्मान दिया गया है तो यह उनके लिए गौरव का क्षण है। इन सम्मानित व्यक्तियों में पहलवान चंद वर्मा, बाबूराम बाठला, सुरेंद्र चराया शामिल रहे, जिनके साथ सचिन बाठला, पुनीत बाठला, मुकेश चावला, सौरभ बाठला भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि महापौर दीपक बाली का यह प्रयास वास्तव में काशीपुर को जोड़ने और पुरानी पीढ़ियों के योगदान को याद रखने का एक सराहनीय कदम है। पीड़ित परिवारों के लोगों ने महापौर को अपना आशीर्वाद भी दिया और कहा कि इस तरह के आयोजन से आने वाली पीढ़ियां भी समझेंगी कि किस तरह उनके पूर्वजों ने आजादी के बाद कठिनाइयों का सामना करते हुए नए सिरे से जीवन की शुरुआत की।

इस मौके पर महापौर ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि विभाजन पीड़ित परिवारों ने देश के इतिहास में जो स्थान बनाया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके त्याग और संघर्ष ने आज के भारत को नई ताकत दी है और उनकी स्मृतियां हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम सदैव ऐसे परिवारों का सम्मान करता रहेगा और आने वाली पीढ़ियों तक इस संघर्ष की गाथा पहुंचाना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट से पीड़ित परिवारों का अभिनंदन किया।
उधर, नगर निगम कार्यालय में ही एक और अवसर पर महापौर दीपक बाली ने जसपुर ब्लॉक से आए प्रधान संघ के पदाधिकारियों का स्वागत किया। इस दौरान गुरमेज सिंह, जो प्रधान संघ के अध्यक्ष हैं, उनके साथ महामंत्री मोहम्मद दानिश, उपाध्यक्ष आशीष चौहान, ग्राम प्रधान क़िलावली किशोर कुमार और ग्राम प्रधान बाँसखेड़ा खुर्द श्री बोरा भी मौजूद रहे। महापौर ने इन सभी का नगर निगम में गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सफल राजनीतिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान लोकतंत्र की असली ताकत होते हैं और उनकी मेहनत से ही गांवों का कायाकल्प होता है।

प्रधान संघ के पदाधिकारियों ने महापौर से भेंट कर उनके कार्यों की सराहना की और कहा कि जिस तरह वह नगर की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रहे हैं, उससे न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण जनता भी नई उम्मीदें जोड़ रही है। इस संवाद के दौरान दोनों पक्षों ने मिलकर क्षेत्र की प्रगति को लेकर अपने विचार साझा किए और आगे भी सहयोग बनाए रखने का आश्वासन दिया। महापौर ने कहा कि चाहे नगर का विकास हो या गांव का, जब तक स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन एक साथ मिलकर काम नहीं करेंगे तब तक बदलाव संभव नहीं है।
काशीपुर नगर निगम में एक ही दिन में हुए इन दोनों अवसरों ने यह साफ कर दिया कि दीपक बाली ने न केवल नगर की जनता बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों का विश्वास भी जीता है। विभाजन पीड़ित परिवारों के प्रति उनका सम्मान हो या प्रधान संघ पदाधिकारियों के प्रति शुभकामनाएं, हर कदम पर उन्होंने यह संदेश दिया कि उनकी राजनीति केवल सत्ता के लिए नहीं बल्कि सेवा और समाज की बेहतरी के लिए है। नगर निगम का यह आयोजन इस बात का प्रमाण बन गया कि जब किसी नेता के इरादे साफ होते हैं तो जनता का स्नेह और आशीर्वाद अपने आप उनके कदमों में आकर जुड़ जाता है।



