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रुद्रपुर नगर निगम का कायाकल्प करने के लिए धामी सरकार ने जारी किए 15.74 करोड़ रुपये

रुद्रपुर की सूरत बदलने के लिए मुख्यमंत्री धामी का भव्य तोहफा और मेयर विकास शर्मा की मेहनत से साकार होता हाईटेक नगर निगम का वह सपना जो शहर को देगा एक नई और बेहद आधुनिक पहचान।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर जिले के हृदय स्थल रुद्रपुर की धड़कन माने जाने वाले नगर निगम को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने शहरवासियों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहे और अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे पुराने नगर निगम भवन के दिन अब पूरी तरह बहुरने वाले हैं, क्योंकि धामी सरकार ने शहर के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नए हाईटेक भवन के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। शासन की ओर से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 15.74 करोड़ रुपए की भारी-भरकम धनराशि को हरी झंडी दिखाते हुए बजट जारी कर दिया गया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार निकाय स्तर पर बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने के लिए कितनी गंभीर है। अब रुद्रपुर नगर निगम केवल फाइलों में ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी एक कॉर्पोरेट स्टाइल की बहुमंजिला इमारत के रूप में नजर आएगा, जहाँ ईंट-पत्थरों के ढांचे के साथ-साथ कार्यप्रणाली में भी तकनीक का समावेश देखने को मिलेगा।

रुद्रपुर शहर के तेजी से बढ़ते विस्तार और आबादी के दबाव को देखते हुए वर्तमान जर्जर भवन न केवल कर्मचारियों के लिए असुरक्षित था, बल्कि यहाँ आने वाली जनता को भी भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह सब इतिहास की बातें हो जाएंगी। 15.74 करोड़ रुपए के इस विशेष बजट का प्रावधान सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसमें वे उत्तराखंड के शहरों को ‘स्मार्ट’ और ‘सेल्फ-सस्टेनेबल’ बनाने का संकल्प ले चुके हैं। इस भारी बजट के जारी होने के साथ ही रुद्रपुर नगर निगम के कायाकल्प की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और अब जल्द ही उस पुराने ढांचे को ध्वस्त कर वहां एक ऐसी गगनचुंबी इमारत खड़ी की जाएगी जो न केवल शहर की शान बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को संभालने में भी सक्षम होगी। यह राशि केवल एक भवन निर्माण के लिए नहीं है, बल्कि यह रुद्रपुर की जनता के सम्मान और उनकी सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा दिया गया एक बड़ा निवेश है, जो आने वाले दशकों तक शहर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने का आधार बनेगा।

रुद्रपुर के प्रथम नागरिक यानी मेयर विकास शर्मा ने इस उपलब्धि पर बेहद उत्साह जाहिर करते हुए इसे शहर के विकास पथ पर एक स्वर्णिम अध्याय करार दिया है और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए स्पष्ट किया है कि यह परियोजना उनके प्राथमिक एजेंडे में शामिल थी। मेयर विकास शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश भर में जो विकास की बयार चल रही है, रुद्रपुर उसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और नए भवन की स्वीकृति मिलना इस क्षेत्र के प्रति सरकार के विशेष लगाव को दर्शाता है। उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए साझा किया कि बजट की उपलब्धता के साथ ही अब प्रशासनिक औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं और बहुत जल्द ही पारदर्शी तरीके से टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा ताकि निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो सके। मेयर ने यह भी भरोसा दिलाया कि इस भवन का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा ताकि जनता को जल्द से जल्द इस आधुनिक परिसर की सेवाएं मिल सकें, जो भ्रष्टाचार मुक्त और त्वरित कार्य संस्कृति का नया केंद्र बनेगा।

प्रस्तावित भवन के वास्तुशिल्प और डिजाइन की बात करें तो यह किसी लग्जरी कॉर्पोरेट ऑफिस से कम नहीं होगा, जिसे तीन भव्य मंजिलों में विभाजित कर अत्याधुनिक सुविधाओं का एक अनूठा संगम बनाया जाएगा। इस हाईटेक परिसर में ग्राउंड फ्लोर से लेकर द्वितीय तल तक और फिर टैरेस पर एक विशालकाय हॉल का निर्माण किया जाना है, जो इसे बहुउद्देशीय उपयोग के योग्य बनाएगा। सबसे खास बात यह है कि भवन की नींव में ही स्टिल्ट पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जो वर्तमान में शहर की सबसे बड़ी समस्या ‘पार्किंग’ का समाधान करेगी और कर्मचारियों के साथ-साथ काम के लिए आने वाले आम नागरिकों को अपने वाहन सुरक्षित खड़े करने की सुविधा प्रदान करेगी। इसके अलावा, भवन में प्रवेश करते ही एक भव्य और आधुनिक रिसेप्शन एरिया, आरामदायक वेटिंग लाउंज, अत्याधुनिक टैक्स कलेक्शन काउंटर और व्यवस्थित स्टोर रूम जैसी सुविधाएं होंगी, जो यह सुनिश्चित करेंगी कि नगर निगम आने वाले किसी भी व्यक्ति को लाइनों में लगकर परेशान न होना पड़े और उसे एक सम्मानजनक वातावरण मिल सके।

भवन के आंतरिक ढांचे को इस तरह से नियोजित किया गया है कि इसके ग्राउंड और प्रथम तल पर नगर निगम के सभी प्रमुख विभागों को एक ही छत के नीचे समाहित किया जाएगा, जिससे विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा और फाइलों का मूवमेंट तेज होगा। वहीं, द्वितीय तल और टैरेस पर निर्मित होने वाले विशाल हॉल का उपयोग केवल बैठकों के लिए ही नहीं, बल्कि इसे व्यावसायिक गतिविधियों और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी किराए पर दिया जा सकेगा, जिससे नगर निगम की झोली में अतिरिक्त राजस्व आएगा और वह आत्मनिर्भर बन सकेगा। इस रणनीतिक योजना के पीछे उद्देश्य यह है कि नगर निगम केवल खर्च करने वाला संस्थान न रहे, बल्कि वह अपनी संपत्तियों से कमाई कर शहर के विकास में दोबारा निवेश कर सके। यह बहुमंजिला इमारत डिजिटल गवर्नेंस की तर्ज पर पूरी तरह से इंटरनेट और आधुनिक संचार तकनीकों से लैस होगी, जिससे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर हाउस टैक्स जमा करने तक की प्रक्रिया चुटकियों में पूरी की जा सकेगी, जो रुद्रपुर के डिजिटल भविष्य की एक बड़ी झलक होगी।

उत्तराखंड की संवेदनशीलता को देखते हुए इस भवन के निर्माण में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है और इसे पूरी तरह से भूकंपरोधी तकनीक पर आधारित बनाया जा रहा है ताकि प्राकृतिक आपदाओं के समय भी यह सुरक्षित रहे। पहाड़ी राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और विशेष रूप से रुद्रपुर की जलवायु को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह डिजाइन इसे न केवल टिकाऊ बनाएगा, बल्कि यह ऊर्जा की बचत करने वाला एक ‘ग्रीन बिल्डिंग’ मॉडल भी साबित होगा। विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार किए गए इस नक्शे में प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे बिजली की खपत कम होगी और कर्मचारियों को काम करने के लिए एक स्वस्थ वातावरण मिलेगा। इस इमारत का निर्माण होने के बाद यह रुद्रपुर की एक ‘लैंडमार्क’ बिल्डिंग कहलाएगी, जो दूर से ही शहर की प्रगति की कहानी कहेगी और यह साबित करेगी कि सरकारी इमारतें भी निजी क्षेत्रों की इमारतों को टक्कर देने वाली भव्य और सुरक्षित हो सकती हैं।

रुद्रपुर नगर निगम के इस ऐतिहासिक बदलाव से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी, बल्कि यह आम जनता के लिए सरकारी तंत्र के साथ जुड़ने का एक नया अनुभव होगा जहाँ काम में तेजी और व्यवहार में सुगमता दिखेगी। यह परियोजना महज एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि रुद्रपुर को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित महानगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में उठाया गया वह निर्णायक कदम है जिसकी मांग वर्षों से की जा रही थी। 15.74 करोड़ रुपए की यह सौगात शहर की अर्थव्यवथा और बुनियादी ढांचे को मजबूती देगी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मेयर विकास शर्मा की जुगलबंदी ने यह दिखा दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो जर्जर व्यवस्थाओं को भी आधुनिकता के सांचे में ढाला जा सकता है। अब शहरवासियों को उस दिन का बेसब्री से इंतजार है जब यह आलीशान भवन बनकर तैयार होगा और रुद्रपुर के विकास की नई इबारत लिखेगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनेगा।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
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