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मुख्यमंत्री चैंपियन ट्रॉफी में KDF आर्चरी टीम की ऐतिहासिक कामयाबी से ऊधमसिंह नगर गौरवान्वित

देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में काशीपुर डेवलपमेंट फोरम की युवा तीरंदाजी प्रतिभाओं ने अनुशासन, अभ्यास और आत्मविश्वास के दम पर शानदार प्रदर्शन कर जनपद को दिलाए रजत और कांस्य पदक, खेल जगत में नई पहचान बनाई।

काशीपुर। नगर के खेल जगत के लिए गर्व और उत्साह का क्षण तब देखने को मिला, जब काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (KDF) की आर्चरी टीम ने मुख्यमंत्री चैंपियन ट्रॉफी जैसी प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जनपद ऊधमसिंह नगर का नाम पूरे उत्तराखंड में रोशन किया। यह प्रतियोगिता 19, 20 और 21 जनवरी को देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित की गई थी, जिसमें राज्य के सभी जनपदों की चयनित टीमों ने भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। तीरंदाजी जैसे अनुशासन, एकाग्रता और निरंतर अभ्यास पर आधारित खेल में KDF आर्चरी टीम के खिलाड़ियों ने अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना साधते हुए यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और मानसिक संतुलन दर्शकों के साथ-साथ निर्णायकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहा।

देहरादून में आयोजित इस राज्य स्तरीय खेल आयोजन का माहौल बेहद प्रतिस्पर्धात्मक और रोमांच से भरा हुआ था, जहां उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभाशाली तीरंदाजों ने अपने कौशल का परिचय दिया। इसी कड़ी में KDF आर्चरी टीम ने अंडर-14 वर्ग की टीम स्पर्धा में बेहतरीन तालमेल और सामूहिक रणनीति का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस टीम में अंश हरबोला, रुद्र प्रताप, सात्विक शर्मा और देव मियां शामिल रहे, जिन्होंने एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाते हुए अंतिम दौर तक संघर्ष जारी रखा। कठिन परिस्थितियों और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच इन युवा खिलाड़ियों की एकजुटता और अनुशासन देखने योग्य था। टीम स्पर्धा में हर तीर का महत्व था और खिलाड़ियों ने दबाव के क्षणों में भी धैर्य बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप जनपद ऊधमसिंह नगर को रजत पदक की उपलब्धि मिली।

व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी KDF आर्चरी टीम के खिलाड़ियों ने अपनी अलग पहचान बनाई और यह साबित किया कि वे केवल टीम गेम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। 30 मीटर व्यक्तिगत स्पर्धा में अंश हरबोला ने सटीक निशानेबाजी करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। लगातार अभ्यास और तकनीकी समझ का परिणाम यह रहा कि उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों के बीच भी अपनी जगह बनाई। वहीं 20 मीटर व्यक्तिगत स्पर्धा में रुद्र प्रताप ने अपने आत्मविश्वास और निरंतरता के बल पर रजत पदक जीतकर टीम की उपलब्धियों में और इजाफा किया। दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण रहा कि सही प्रशिक्षण और अनुशासित दिनचर्या से कम उम्र में भी बड़ी सफलता पाई जा सकती है। प्रतियोगिता के दौरान दर्शकों ने खिलाड़ियों की एकाग्रता और शांत स्वभाव की जमकर सराहना की।

इन सभी सफलताओं के पीछे कोच हेमचंद्र हरबोला का अथक परिश्रम और समर्पित प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका में रहा। वर्षों से तीरंदाजी के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने खिलाड़ियों को केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और खेल भावना का भी पाठ पढ़ाया। अभ्यास सत्रों के दौरान अनुशासन, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसका असर प्रतियोगिता में साफ नजर आया। खिलाड़ियों ने भी खुलकर स्वीकार किया कि कठिन अभ्यास और निरंतर मार्गदर्शन ने उन्हें आत्मविश्वास से भर दिया। कोच की रणनीतियों और खिलाड़ियों की मेहनत का मेल ही KDF आर्चरी टीम की इस सफलता का आधार बना, जिसने पूरे जनपद के खेल प्रेमियों को गर्व का अनुभव कराया।

प्रतियोगिता से लौटने के बाद 21 जनवरी को काशीपुर स्थित KDF पार्क में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां पदक विजेता खिलाड़ियों को उनके परिजनों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर KDF के अध्यक्ष राजीव घई ने खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह का माहौल भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा, जहां अभिभावकों की आंखों में गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। खिलाड़ियों को मंच पर सम्मानित होते देख क्षेत्र के अन्य युवा भी खेल के प्रति प्रेरित होते नजर आए। आयोजन के दौरान खेल और अनुशासन के महत्व पर भी चर्चा हुई, जिससे यह संदेश गया कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं।

सम्मान समारोह के दौरान राजीव घई ने कहा कि काशीपुर डेवलपमेंट फोरम का उद्देश्य केवल खेल गतिविधियों का आयोजन करना नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर और मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि KDF भविष्य में भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराता रहेगा। उनके अनुसार तीरंदाजी जैसे खेलों में धैर्य, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है, जिसे KDF अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों के परिश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और जनपद ऊधमसिंह नगर की खेल पहचान को और मजबूत करेंगी।

कोच हेमचंद्र हरबोला के योगदान पर भी समारोह में विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समर्पित प्रशिक्षक किसी भी खेल संस्था की रीढ़ होते हैं, जिनके मार्गदर्शन में खिलाड़ी न केवल तकनीकी रूप से मजबूत बनते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी तैयार होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के खिलाड़ियों का राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन सही दिशा में किए गए प्रयास निश्चित रूप से रंग लाते हैं। कोच और खिलाड़ियों के बीच विश्वास और समन्वय ने KDF आर्चरी टीम को एक मजबूत इकाई के रूप में स्थापित किया है, जिसका लाभ भविष्य की प्रतियोगिताओं में भी देखने को मिलेगा।

हिन्दी दैनिक सहर प्रजातंत्र से बातचीत करते हुए कोच हेमचंद्र हरबोला ने कहा कि तीरंदाजी केवल निशाना साधने का खेल नहीं है, बल्कि यह धैर्य, अनुशासन और मानसिक संतुलन की परीक्षा भी है। उन्होंने बताया कि KDF आर्चरी टीम के खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद जिस समर्पण और लगन के साथ अभ्यास किया, वही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी। हरबोला ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो केवल सही दिशा, निरंतर प्रशिक्षण और सकारात्मक माहौल की।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमित अभ्यास के साथ-साथ खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता रही है, ताकि वे दबाव में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। कोच के अनुसार यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और KDF परिवार के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इसी तरह सहयोग मिलता रहा तो आने वाले समय में क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज निकलकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

अंत में KDF परिवार की ओर से सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। संगठन से जुड़े सदस्यों ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में KDF आर्चरी टीम और भी बेहतर प्रदर्शन कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जनपद का नाम रोशन करेगी। इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि यदि सही मंच, मेहनत और मार्गदर्शन मिले तो छोटे शहरों से भी बड़े खिलाड़ी निकल सकते हैं। मुख्यमंत्री चैंपियन ट्रॉफी में मिली यह कामयाबी न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि पूरे काशीपुर और ऊधमसिंह नगर के लिए गर्व का विषय बन गई है, जिसने खेल संस्कृति को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की है।

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