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महापौर बाली ने किया निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य शुभारंभ उमड़ा जनसैलाब

नगर निगम काशीपुर और केवीआर हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक निःशुल्क महाशिविर में उमड़े जनसैलाब को महापौर दीपक बाली ने दी आरोग्य की विशेष सौगात विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा निःशुल्क परामर्श और दवाओं का वितरण।

काशीपुर। नगर कि ऐतिहासिक सरज़मीं पर आज स्वास्थ्य और सेवा का एक ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने नगर निगम और केवीआर हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को एक महाकुंभ में तब्दील कर दिया। नगर के प्रथम नागरिक और महापौर दीपक बाली के द्वारा जब इस कार्य का दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया, तो चारों ओर उत्साह और उम्मीदों की एक नई लहर दौड़ गई। इस पावन अवसर पर नगर की प्रशासनिक धुरी नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट, स्वास्थ्य सेवाओं की कमान संभाले नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत साहनी, सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल शाह एवं सुश्री शालिनी नेगी, सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट सहित तमाम सम्मानित पार्षदगण, अधिकारीगण और कर्मचारीगण की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की भव्यता को द्विगुणित कर दिया। यह केवल एक शिविर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण था, जहाँ सरकारी मशीनरी और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र ने मिलकर आम जनमानस के कल्याण हेतु कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। महापौर दीपक बाली जी ने अपने संबोधन में नगर निगम की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही एक समृद्ध राष्ट्र का आधार होते हैं और केवीआर हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का सहयोग इस मिशन को और अधिक शक्ति प्रदान करता है, जिससे समाज के हर तबके को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सुलभ हो सकें।

प्रातःकाल से ही शिविर स्थल पर काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए नागरिकों का हुजूम जुटना शुरू हो गया था, जो स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और इस आयोजन की महत्ता को दर्शा रहा था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, कतारें लंबी होती गईं और दोपहर तक हजारों की संख्या में लोगों ने इस महाशिविर का लाभ उठाया, जो नगर निगम के इतिहास में एक कीर्तिमान स्थापित कर गया। इस जनसैलाब में केवल वृद्ध ही नहीं, बल्कि युवा, महिलाएं और छोटे बच्चे भी अपने परिवारजनों के साथ बड़ी उत्सुकता से शामिल हुए, जिन्हें देखकर प्रतीत हो रहा था कि यह आयोजन उनकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए एक वरदान साबित हुआ है। केवीआर हॉस्पिटल के सुप्रसिद्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक विशाल टीम, जिसमें मेडिसिन, स्त्री रोग, बाल रोग, अस्थि रोग और नेत्र रोग विशेषज्ञ शामिल थे, पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ हर आने वाले मरीज की जांच कर रही थी। उनकी विशेषज्ञता और मानवीय दृष्टिकोण ने मरीजों के मन से बीमारी का डर दूर कर दिया, और उन्हें लग रहा था कि वे किसी सरकारी शिविर में नहीं, बल्कि किसी बड़े निजी अस्पताल में परामर्श ले रहे हैं। नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट जी ने व्यवस्थाओं का स्वयं निरीक्षण किया और सुनिश्चित किया कि हर नागरिक को बिना किसी असुविधा के स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें, जिसके लिए उन्होंने सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट जी के नेतृत्व वाली टीम और अन्य सहयोगी टीमों को मुस्तैद रखा, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और निर्बाध रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ शिविर में केवीआर हॉस्पिटल की पैथोलॉजी टीम द्वारा अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से निःशुल्क ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और अन्य आवश्यक रक्त जांचें त्वरित रूप से की गईं, जिससे मरीजों को मौके पर ही अपनी स्वास्थ्य स्थिति का सटीक अंदाजा हो गया और डॉक्टरों को सही निदान करने में मदद मिली। जांच रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने न केवल परामर्श दिया, बल्कि नगर निगम द्वारा की गई विशेष व्यवस्था के तहत मरीजों को आवश्यक दवाइयों का भी निःशुल्क वितरण किया गया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। महापौर दीपक बाली जी और नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट जी ने स्वयं दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया और कुछ मरीजों को अपने हाथों से दवाइयां प्रदान कर उनका ढांढस बढ़ाया, जो उनके संवेदनशील नेतृत्व का परिचायक था। इस दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत साहनी जी की टीम ने लोगों को मौसमी बीमारियों, स्वच्छता और संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया, ताकि वे भविष्य में बीमारियों से बच सकें। शिविर की सबसे बड़ी सफलता यह थी कि कई ऐसे मरीजों को भी चिह्नित किया गया, जो लंबे समय से अज्ञात बीमारियों से ग्रसित थे और जिन्हें तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा की आवश्यकता थी, जिन्हें केवीआर हॉस्पिटल में आगे के इलाज के लिए रियायती दरों पर संदर्भित किया गया, जिससे यह आयोजन मात्र एक दिन का परामर्श शिविर न रहकर, जीवन रक्षा का एक सशक्त माध्यम बन गया।

नगर निगम काशीपुर के इस जनहितकारी अभियान की गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई दे रही है और नागरिकों ने नगर निगम और केवीआर हॉस्पिटल की इस पहल को एक ऐतिहासिक कदम बताया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच आम आदमी तक सुगम हुई है। लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल महंगी चिकित्सा जांचों और दवाइयों से मुक्ति मिलती है, बल्कि बड़े डॉक्टरों से परामर्श लेने का अवसर भी प्राप्त होता है, जो सामान्यतः उनके लिए संभव नहीं हो पाता। जनता के इस अभूतपूर्व उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया से अभिभूत होकर महापौर दीपक बाली जी और नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट ने घोषणा की कि नगर निगम जनहित में इस प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों को भविष्य में भी निरंतर जारी रखेगा और कोशिश करेगा कि नगर के हर वार्ड में ऐसे शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि काशीपुर को एक स्वस्थ और रोगमुक्त शहर बनाया जा सके। उन्होंने केवीआर हॉस्पिटल की प्रबंधन टीम और चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए इस पुनीत कार्य में निःस्वार्थ भाव से अपना योगदान दिया।

सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल शाह और सुश्री शालिनी नेगी ने भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की, और उनके कुशल संयोजन के कारण ही यह आयोजन अपनी परिकल्पना से कहीं अधिक सफल रहा। आज का यह शिविर काशीपुर में स्वास्थ्य चेतना का एक नया अध्याय लिख गया है, जिसने साबित कर दिया है कि जब दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास मिलते हैं, तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं और एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त समाज का निर्माण संभव हो पाता है, जो वास्तव में एक गौरवशाली क्षण है।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
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