काशीपुर। नगर के महापौर दीपक बाली ने विजयदशमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और नगरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सनातन धर्म की आस्था, परंपरा और संस्कृति का ऐसा प्रतीक है जो हमें हमेशा यह संदेश देता है कि अच्छाई अंततः बुराई पर विजय प्राप्त करती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने कठिन संघर्षों, तप और साहस के बल पर असत्य और अधर्म का अंत किया और आदर्शों की स्थापना की, ठीक उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में उपस्थित नकारात्मकताओं को समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी विजयदशमी का पर्व हमें यह प्रेरणा देता है कि हम दृढ़ निश्चय और संघर्ष से हर चुनौती को पार कर सकते हैं और अंत में सत्य और सद्गुण ही स्थापित होते हैं। महापौर ने कहा कि इस अवसर पर सभी नागरिकों को आत्मावलोकन कर यह सोचना चाहिए कि हम अपने समाज और नगर को किस प्रकार और अधिक सुंदर, स्वस्थ और समृद्ध बना सकते हैं।
शहरवासियों को संबोधित करते हुए दीपक बाली ने कहा कि काशीपुर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए केवल नगर निगम पर ही निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारियों के साथ-साथ नगर के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने आस-पास सफाई, अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में योगदान दे। गंदगी और अव्यवस्था को उन्होंने समाज की बुराइयों से तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया, उसी प्रकार हम सबको मिलकर इस गंदगी और अव्यवस्था का भी अंत करना होगा। महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक आमजन और प्रशासन दोनों एकजुट होकर कदम नहीं बढ़ाएंगे, तब तक शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने का लक्ष्य अधूरा रहेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि इस पर्व को केवल उत्सव की तरह न मनाकर एक संकल्प दिवस की तरह अपनाया जाए और काशीपुर को गंदगी से मुक्त करने का अभियान चलाया जाए।
महापौर दीपक बाली ने कहा कि जीवन का सबसे बड़ा सत्य संघर्ष ही है और बिना संघर्ष के कोई भी सफलता संभव नहीं होती। उन्होंने बताया कि विजयदशमी हमें यह प्रेरणा देती है कि हर छोटे-बड़े लक्ष्य को पाने के लिए हमें निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और बीच-बीच में आने वाली बाधाओं से डरना नहीं चाहिए। जिस प्रकार श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अंततः विजय प्राप्त की, उसी प्रकार हम भी संघर्ष और निरंतरता से अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक गंदगी और अव्यवस्था से लड़ने का संकल्प ले लें तो निश्चित ही काशीपुर का चेहरा बदल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हर परिवार यदि अपने स्तर पर थोड़ी-सी जिम्मेदारी उठाए तो नगर निगम का काम और सरल हो जाएगा और सामूहिक प्रयास से शहर को आदर्श और स्वच्छ बनाने का सपना साकार हो सकेगा।
विजयदशमी के अवसर पर जनता को प्रेरित करते हुए दीपक बाली ने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं तक सीमित नहीं है बल्कि इसका वास्तविक संदेश समाज सुधार और जनकल्याण में निहित है। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की है और यदि हम सब मिलकर गंदगी को जड़ से खत्म करने का संकल्प लें तो यह किसी भी युद्ध से कम नहीं होगा। उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि नगर निगम पूरी तत्परता से स्वच्छता अभियान चला रहा है और आने वाले समय में इसे और गति दी जाएगी, लेकिन इसमें तभी सफलता मिलेगी जब नागरिक निगम का हाथ थामेंगे और कंधे से कंधा मिलाकर इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे। महापौर ने कहा कि इस बार विजयदशमी केवल आतिशबाजी और पुतला दहन तक सीमित न रहे बल्कि यह शहरवासियों के लिए गंदगी और अव्यवस्था के पुतले को भी समाप्त करने का संकल्प दिवस बन जाए।
अंत में दीपक बाली ने दोहराया कि विजयदशमी हमें हर साल यह स्मरण कराती है कि संघर्ष चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, अंत में सत्य और अच्छाई की ही विजय होती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने अपने जीवन को आदर्शों और संघर्ष से महान बनाया, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन और समाज में अच्छाई को स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहना होगा। उन्होंने काशीपुरवासियों से अपील की कि इस पर्व को अवसर बनाकर गंदगी, आलस्य और अव्यवस्था जैसी बुराइयों को त्याग दें और स्वच्छता, अनुशासन और सामूहिक सहयोग जैसी अच्छाइयों को अपनाएं। महापौर ने विश्वास जताया कि यदि नागरिक और प्रशासन मिलकर यह संकल्प लेंगे तो काशीपुर निश्चित ही आने वाले समय में एक आदर्श, स्वच्छ और स्वस्थ नगर बनकर उभरेगा और यह विजयदशमी शहर के लिए बुराई पर अच्छाई की ऐतिहासिक विजय का साक्षी बनेगी।



