हरिद्वार। ऋषिकुल मैदान की धरती उस समय राजनीतिक चेतना, सांस्कृतिक उल्लास और संगठनात्मक शक्ति के विराट संगम की साक्षी बनी, जब भारतीय जनता पार्टी विधानसभा हरिद्वार की ओर से आयोजित “फागोत्सव 2026” का भव्य आयोजन पूरे वैभव के साथ संपन्न हुआ। चारों ओर केसरिया रंग, पारंपरिक लोकधुनें, फूलों की वर्षा और कार्यकर्ताओं की अपार भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आयोजन केवल एक त्योहार तक सीमित नहीं, बल्कि संगठन की जड़ों को और मजबूत करने वाला एक बड़ा सामाजिक-राजनीतिक संदेश था। जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत मंच पर पहुंचे, वातावरण में उत्साह की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं की तालियों, नारों और अभिवादन से ऋषिकुल मैदान गूंज उठा। इस दृश्य ने यह साबित कर दिया कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता से गहराई से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम का हर क्षण इस बात की गवाही दे रहा था कि पार्टी के लिए ऐसे आयोजन भावनात्मक जुड़ाव और वैचारिक मजबूती का माध्यम हैं। रंगों और फूलों के बीच खड़े हजारों कार्यकर्ता न सिर्फ होली का उत्सव मना रहे थे, बल्कि आने वाले समय के लिए संगठन की ऊर्जा को भी संजो रहे थे, जो इस आयोजन को सामान्य होली मिलन से कहीं अधिक खास बनाता है।
मंच से संबोधित करते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिस आत्मीयता और विचारशीलता के साथ अपनी बात रखी, उसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि भारतीय समाज की आत्मा में रची-बसी लोकपरंपराओं, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उनके शब्दों में यह स्पष्ट झलक रहा था कि लोकसंस्कृति को संरक्षित रखना केवल परंपरा निभाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक मूल्यों की नींव मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जब समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, तब वह किसी भी चुनौती का सामना मजबूती से कर सकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे आयोजन कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर एक साझा उद्देश्य के लिए जोड़ते हैं। रंगों की तरह ही विचारों का यह संगम संगठन को वैचारिक रूप से और अधिक सशक्त बनाता है। उनके संबोधन में संस्कृति, संगठन और राष्ट्रभाव का जो समन्वय दिखाई दिया, उसने कार्यकर्ताओं में नया आत्मविश्वास और जोश भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान यह भी स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि “फागोत्सव 2026” भाजपा के लिए केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक मंच भी है, जहां संगठन और समाज के बीच संवाद को मजबूत किया जा रहा है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसे आयोजनों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का माध्यम बनाएं, ताकि युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक पहचान को समझ सके और उस पर गर्व कर सके। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता समाज के बीच रहकर संस्कृति और परंपरा की बात करते हैं, तब राजनीति में सकारात्मकता का संचार होता है। उनके अनुसार होली जैसे पर्व संगठन के भीतर सौहार्द और एकता को मजबूत करते हैं, जिससे पार्टी की जमीनी पकड़ और भी सुदृढ़ होती है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने महसूस किया कि यह संदेश केवल भाषण तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे आयोजन की रूपरेखा उसी सोच को प्रतिबिंबित कर रही थी। लोकगीतों, पारंपरिक प्रस्तुतियों और फूलों की होली ने इस विचार को और भी सशक्त बना दिया कि भाजपा अपनी राजनीति को भारतीय संस्कृति की मूल भावना से जोड़कर आगे बढ़ा रही है।
इस भव्य आयोजन की सफलता में विधायक मदन कौशिक की भूमिका भी केंद्र में रही। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि “फागोत्सव 2026” को केवल एक होली मिलन कार्यक्रम के रूप में देखना इसकी व्यापक सोच को सीमित करना होगा। उनके अनुसार यह आयोजन संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक समरसता और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ता न केवल एक-दूसरे से जुड़ते हैं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ भी सीधा संवाद स्थापित करते हैं। यह संवाद ही पार्टी की असली ताकत है, जो उसे जमीनी स्तर पर मजबूत बनाता है। विधायक मदन कौशिक ने कहा कि फागोत्सव जैसे आयोजनों से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होता है और वे जनसेवा के कार्यों को और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ाते हैं। उनके शब्दों में यह भी झलक रहा था कि संगठन की सफलता केवल चुनावी आंकड़ों से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की सक्रियता और समाज से उनके रिश्ते से तय होती है।

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मदन कौशिक ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा की राजनीति अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि “फागोत्सव 2026” यह संदेश देता है कि पार्टी लोकपरंपराओं के संरक्षण को केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि व्यवहारिक रूप में भी अपनाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे इस उत्सव की भावना को गांव-गांव, गली-गली तक पहुंचाएं और केंद्र तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक ले जाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उनके अनुसार जब कार्यकर्ता सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज से जुड़ते हैं, तब जनता का भरोसा और मजबूत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन संगठन के भीतर सकारात्मक वातावरण बनाते हैं, जो आने वाले समय में राजनीतिक सफलता की मजबूत नींव तैयार करता है। उनके विचारों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा के लिए संस्कृति, संगठन और सेवा एक-दूसरे से अलग नहीं, बल्कि एक ही धारा के तीन प्रवाह हैं।
नगर के प्रथम नागरिक के रूप में महापौर किरण जैसल ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए होली के पर्यावरणीय और सामाजिक संदेश पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि होली के रंग केवल आनंद और उल्लास का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे हमें प्रकृति से प्रेम और संरक्षण का भी संदेश देते हैं। आज के समय में जब पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी चुनौती बन चुका है, तब फूलों की होली जैसे आयोजन इस बात की याद दिलाते हैं कि उत्सव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाना कितना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल मैदान में आयोजित फूलों की होली ने इस अवधारणा को और अधिक सशक्त बनाया है। महापौर किरण जैसल के अनुसार ऐसे आयोजनों से समाज में यह संदेश जाता है कि परंपराओं को आधुनिक सोच के साथ जोड़कर भी मनाया जा सकता है। उनका मानना था कि जब त्योहार पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता के साथ मनाए जाते हैं, तब वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सकारात्मक उदाहरण बनते हैं।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी ने होली के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व आकर्षक और मनोहर रंगों का ही नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाला उत्सव है। उन्होंने कहा कि होली ऐसा त्योहार है जो धर्म, संप्रदाय और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर भाईचारे का संदेश देता है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और गुलाल लगाकर प्रेम और सौहार्द का परिचय देते हैं। उनके अनुसार यही भावना भारतीय समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मकता और एकता का संदेश फैलाने का कार्य कर रही है। उनके विचारों ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के लिए सांस्कृतिक उत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का माध्यम हैं।
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच और मैदान दोनों जगह संगठन की मजबूती का स्पष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। भाजपा जिला महामंत्री हीरा सिंह, बेस्ट मंडल अध्यक्ष प्रशांत शर्मा, राजेंद्र कटारिया, तुषांक भट्ट, अन्नू कक्कड़, सरदार हरमोहन सिंह, मुनेश सैनी, दीपांशु विद्यार्थी, पूर्व जिला अध्यक्ष ठाकुर सुशील चौहान, सुशील त्यागी, संदीप गुप्ता, चेरब जैन, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति गुप्ता, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अभिनव चौहान, पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, जिला उपाध्यक्ष आशु चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि संगठन के हर स्तर पर इस आयोजन को लेकर उत्साह और सहभागिता थी। कार्यकर्ताओं की भीड़, अनुशासन और उत्साह ने यह संदेश दिया कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा मजबूत ही नहीं, बल्कि सक्रिय और एकजुट भी है।

ऋषिकुल मैदान में आयोजित यह फागोत्सव न केवल रंगों और फूलों से सजा हुआ था, बल्कि विचारों, भावनाओं और संगठनात्मक संकल्पों से भी ओतप्रोत था। पूरे आयोजन के दौरान यह महसूस किया गया कि भाजपा के लिए ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल परंपरा निभाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और संगठन को मजबूत करने की एक प्रभावी रणनीति हैं। कार्यकर्ताओं के चेहरों पर दिखता उत्साह, नेताओं के विचारों में झलकती स्पष्टता और आयोजन की भव्यता ने यह साबित कर दिया कि “फागोत्सव 2026” आने वाले समय में भी लंबे समय तक याद किया जाएगा। यह आयोजन न सिर्फ होली के उल्लास का प्रतीक बना, बल्कि संगठन की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राजनीतिक ऊर्जा का भी जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जिसने भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नई प्रेरणा और आत्मविश्वास का संचार किया।
समग्र रूप से देखा जाए तो ऋषिकुल मैदान में आयोजित “फागोत्सव 2026” केवल एक सांस्कृतिक या राजनीतिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक शक्ति, वैचारिक स्पष्टता और सामाजिक जुड़ाव का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। रंगों, फूलों और लोकपरंपराओं के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर आगे बढ़ाती है। नेताओं के विचारों, कार्यकर्ताओं के उत्साह और आम जन की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि पार्टी जमीनी स्तर पर पूरी मजबूती के साथ सक्रिय है। कार्यक्रम के समापन के समय भी मैदान में मौजूद ऊर्जा और उमंग यह संकेत दे रही थी कि ऐसे आयोजन भविष्य की राजनीतिक दिशा को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फागोत्सव के माध्यम से संगठन ने एक बार फिर यह रेखांकित किया कि सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक एकता के सहारे ही स्थायी राजनीतिक विश्वास और जनसमर्थन की नींव रखी जा सकती है, जो आने वाले समय में भाजपा के लिए निर्णायक सिद्ध होगी।





