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₹50 हजार से अधिक बिजली बकाया पर विभाग सख्त, 20 मार्च अंतिम मौका

बिजली विभाग ने बकायेदारों पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़े उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर ली है, 20 मार्च तक भुगतान नहीं करने वालों के कनेक्शन काटे जाएंगे, सरकारी विभाग भी कार्रवाई से नहीं बचेंगे।

बाज़पुर। क्षेत्र में बढ़ते बिजली बिलों के बकाये को लेकर विद्युत विभाग ने अब सख्ती का रास्ता अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने ऐसे सभी उपभोक्ताओं को स्पष्ट चेतावनी जारी की है जिनके ऊपर ₹50,000 या उससे अधिक का बिजली बिल बकाया है। विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि सभी बकायेदार उपभोक्ता 20 मार्च तक हर हाल में अपना पूरा बकाया बिजली बिल जमा कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि तय समय सीमा के बाद बिजली कनेक्शन काटने के साथ-साथ विद्युत अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे। लंबे समय से बढ़ते बकाये को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा जा सके और विभाग की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार यदि समय पर राजस्व की वसूली नहीं होती है तो बिजली वितरण प्रणाली के संचालन और रखरखाव पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, इसलिए अब बकाया वसूली को प्राथमिकता दी जा रही है।

शहर और आसपास के क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान विद्युत विभाग को यह जानकारी मिली कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिल लंबे समय से जमा नहीं हुए हैं। कई मामलों में यह बकाया राशि ₹50,000 से भी अधिक हो चुकी है। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार इन बकायेदारों में केवल घरेलू उपभोक्ता ही नहीं बल्कि कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान, छोटे-बड़े उद्योग और कुछ सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं। स्थिति यह है कि कई उपभोक्ताओं को पहले भी नोटिस भेजे जा चुके हैं और उन्हें कई बार बिल जमा करने के लिए कहा गया था, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने अब अंतिम चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 20 मार्च के बाद बकायेदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति को बनाए रखने के लिए लगातार खर्च करना पड़ता है और यदि उपभोक्ता बिल जमा नहीं करते हैं तो इससे विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इसलिए अब यह तय किया गया है कि बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार बाज़पुर क्षेत्र में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां बिजली बिल महीनों से नहीं बल्कि कई बार सालों से लंबित हैं। इन बकायेदारों में घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा व्यापारिक प्रतिष्ठान और औद्योगिक इकाइयां भी शामिल हैं। इसके साथ ही कुछ सरकारी विभागों के बिजली बिल भी लंबे समय से बकाया बताए जा रहे हैं। विभाग की सूची में पुलिस स्टेशन, शिक्षा विभाग, वन विभाग तथा अन्य सरकारी कार्यालयों के नाम भी सामने आए हैं जिनके बिजली बिल समय पर जमा नहीं हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी संस्थानों को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे और भुगतान करने के लिए कहा गया था, लेकिन कई जगहों पर स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसी वजह से विभाग ने अब अंतिम समय सीमा तय करते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। विभाग का मानना है कि यदि सभी उपभोक्ता समय पर बिल जमा करेंगे तो बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना आसान हो जाएगा और बिजली आपूर्ति में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

बिजली विभाग का कहना है कि विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नियमित राजस्व वसूली बेहद महत्वपूर्ण होती है। बिजली उत्पादन, वितरण और रखरखाव से जुड़ी कई व्यवस्थाओं पर लगातार खर्च किया जाता है। यदि उपभोक्ता समय पर बिल जमा नहीं करते हैं तो इससे विभाग की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ता है और कई जरूरी काम प्रभावित हो जाते हैं। अधिकारियों के मुताबिक बिजली लाइनों के रखरखाव, ट्रांसफार्मर की मरम्मत, नई लाइनें बिछाने और तकनीकी सुधार जैसे कई कार्य विभाग के राजस्व पर ही निर्भर करते हैं। यदि बकाया राशि लगातार बढ़ती रहती है तो इन योजनाओं को लागू करना कठिन हो जाता है। इसी कारण विभाग ने अब बकायेदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से बड़े बकायेदारों की पहचान कर उनसे बकाया वसूला जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो नियमों के तहत बिजली कनेक्शन भी काटे जा सकते हैं। विभाग चाहता है कि उपभोक्ता स्वयं आगे आकर अपने बिलों का भुगतान करें ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस पूरे मामले पर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता विवेक कांडपाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि विभाग अब बकाया बिजली बिलों के मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि बाज़पुर क्षेत्र में ऐसे सभी उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर ली गई है जिनके बिजली बिल ₹50,000 या उससे अधिक बकाया हैं। विवेक कांडपाल ने कहा कि इन सभी उपभोक्ताओं को अंतिम रूप से 20 मार्च तक का समय दिया गया है और उम्मीद की जा रही है कि वे इस अवधि के भीतर अपना बकाया जमा कर देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा के बाद भी भुगतान नहीं किया गया तो विभाग विशेष अभियान चलाकर बकाया वसूली करेगा और आवश्यक होने पर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जाएगी। उनके अनुसार विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे समय रहते अपने बिजली बिलों का भुगतान कर दें ताकि विभाग को कठोर कदम उठाने की आवश्यकता न पड़े।

अधिशासी अभियंता विवेक कांडपाल ने यह भी कहा कि इस बार नियमों को सभी के लिए समान रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी और अर्द्ध-सरकारी विभागों को भी समय पर बिजली बिल जमा करना होगा। कई बार यह देखा गया है कि कुछ विभागों के बिल लंबे समय तक बकाया रहते हैं जिससे विभाग की राजस्व व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए इस बार ऐसे सभी मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में जाकर निरीक्षण कर रही हैं और बकायेदारों को व्यक्तिगत रूप से सूचना भी दी जा रही है। विभाग चाहता है कि उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदारी समझते हुए अपने बिलों का भुगतान करें। यदि सभी विभाग और नागरिक समय पर बिल जमा करेंगे तो इससे बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सकेगा।

इस संबंध में विद्युत विभाग के एस.डी.ओ. गिरीश चंद्र पांडे ने भी उपभोक्ताओं से समय पर भुगतान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाज़पुर क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं और विभागों के बिजली बिल ₹50,000 या उससे अधिक बकाया हैं उन्हें 20 मार्च तक हर हाल में भुगतान करना होगा। गिरीश चंद्र पांडे के अनुसार निर्धारित तिथि के बाद विभाग सख्त कार्रवाई करेगा और नियमों के अनुसार बिजली कनेक्शन काटने के साथ-साथ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है बल्कि उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान के प्रति जागरूक करना है। यदि सभी उपभोक्ता समय पर बिल जमा करेंगे तो बिजली आपूर्ति को बेहतर तरीके से बनाए रखा जा सकेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपने बकाया बिलों का भुगतान कर दें।

उन्होंने आगे बताया कि विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को भुगतान की सुविधा देने के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। लोग विभागीय कार्यालयों में जाकर बिल जमा कर सकते हैं और इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे उपभोक्ताओं को आसानी होगी और वे घर बैठे ही अपने बिलों का भुगतान कर सकेंगे। विभाग का मानना है कि यदि उपभोक्ता इन सुविधाओं का उपयोग करेंगे तो बकाया बिलों की संख्या में तेजी से कमी आएगी। गिरीश चंद्र पांडे ने कहा कि विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में जाकर उपभोक्ताओं को जागरूक भी कर रही हैं ताकि लोग समय पर बिल भुगतान की आदत विकसित कर सकें। इससे भविष्य में इस तरह की समस्याओं को रोका जा सकेगा।

स्थानीय प्रशासन ने भी विद्युत विभाग के इस निर्णय का समर्थन किया है और सभी नागरिकों तथा विभागों से समय पर बिजली बिल जमा करने की अपील की है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बिजली व्यवस्था किसी भी शहर के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। यदि उपभोक्ता समय पर भुगतान करेंगे तो बिजली सेवाओं में सुधार लाया जा सकेगा और नई योजनाओं को भी लागू करना आसान होगा। अधिकारियों का यह भी कहना है कि बिजली विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बिजली विभाग द्वारा जारी इस चेतावनी के बाद बाज़पुर क्षेत्र में बकाया बिजली बिलों को लेकर हलचल तेज हो गई है। कई उपभोक्ता अब अपने लंबित बिलों का भुगतान करने की तैयारी में जुट गए हैं ताकि किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके। विभाग का कहना है कि 20 मार्च के बाद बड़े बकायेदारों के खिलाफ विशेष वसूली अभियान चलाया जाएगा और इस दौरान ऐसे सभी मामलों की जांच की जाएगी जिनमें लंबे समय से बिल बकाया हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की सिफारिश या दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। विभाग को उम्मीद है कि तय समय सीमा से पहले अधिकांश उपभोक्ता अपने बकाया बिलों का भुगतान कर देंगे, जिससे बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।

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