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बजट 2026 पर महापौर दीपक बाली का बड़ा बयान बोले प्रदेश के विकास का मजबूत रोडमैप

बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि सरकार की नीतियां शहरों के विकास, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

काशीपुर। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 9 मार्च 2026 को प्रस्तुत किए गए राज्य के बजट को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हलकों में चर्चाओं का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने भी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तुत ₹1,11,703.21 करोड़ के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे विकास की नई दिशा देने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज भर नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई एक व्यापक और दूरदर्शी योजना है। महापौर दीपक बाली ने इसे “संकल्प से सिद्धि” की भावना से प्रेरित बजट बताते हुए कहा कि इसमें प्रदेश के सर्वांगीण विकास की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। उनके अनुसार यह बजट प्रदेश की आर्थिक मजबूती, सामाजिक संतुलन और आधारभूत ढांचे के विस्तार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट के माध्यम से यह संदेश दिया है कि उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

राजनीतिक दृष्टि से भी इस बजट को महत्वपूर्ण बताते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन सरकार प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह वही उत्तराखंड है जिसने अपने गठन के समय आर्थिक चुनौतियों के बीच ऋण लेकर अपनी यात्रा शुरू की थी, लेकिन आज उसी राज्य का बजट बढ़कर ₹1,11,703.21 करोड़ तक पहुंच गया है। महापौर दीपक बाली ने कहा कि यह केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं बल्कि उत्तराखंड की विकास यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और विकास की रफ्तार भी तेज हुई है। उनके अनुसार यह बजट सर्वस्पर्शी और समावेशी है, जिसमें समाज के हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखने का प्रयास किया गया है।

विकास के व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि इस बजट में “सबका साथ, सबका विकास” और “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि हासिल करना नहीं बल्कि ऐसा विकास सुनिश्चित करना है जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी और लाभ सुनिश्चित हो। महापौर दीपक बाली ने कहा कि बजट में युवाओं, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। उनके अनुसार यह बजट सामाजिक समरसता और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं और यह बजट उसी सोच का प्रतिबिंब है।

युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए ₹60 करोड़ की स्वरोजगार योजना का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करेगी। महापौर दीपक बाली के अनुसार उत्तराखंड का युवा प्रतिभाशाली है और यदि उसे उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलें तो वह प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी महापौर दीपक बाली ने बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत ₹220 करोड़ का प्रावधान किया है। उनके अनुसार यह योजना महिलाओं और बेटियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। महापौर दीपक बाली ने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान को लेकर भी महापौर दीपक बाली ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4500–6000 से बढ़ाकर ₹5500–7000 करने का प्रस्ताव रखा है, जो अत्यंत सराहनीय है। महापौर दीपक बाली ने कहा कि यह निर्णय उन लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया था। उनके अनुसार यह कदम सरकार की संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।

बजट में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी महापौर दीपक बाली ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ₹1827.91 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। महापौर दीपक बाली ने कहा कि इस बजट प्रावधान से दूर-दराज के गांवों में भी बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की जा सकेगी। इसके साथ ही शहरी विकास के लिए ₹1401.85 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और शहरी क्षेत्रों का विकास और तेज गति से आगे बढ़ेगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रावधानों पर भी महापौर दीपक बाली ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा के लिए ₹542.84 करोड़ का प्रावधान किया है। उनके अनुसार शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला होती है और इस क्षेत्र में निवेश से आने वाली पीढ़ियों का भविष्य मजबूत होता है। महापौर दीपक बाली ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है और बजट में इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी राज्य के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी होती हैं।

लोक निर्माण विभाग के लिए किए गए बजटीय प्रावधान को भी महापौर दीपक बाली ने महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बजट 2026 में सबसे अधिक ₹2501.91 करोड़ लोक निर्माण विभाग के लिए निर्धारित किए गए हैं। उनके अनुसार उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हैं और यहां भूस्खलन, भारी वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के कारण हर वर्ष कई गांव प्रभावित होते हैं। महापौर दीपक बाली ने कहा कि इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सड़कों और पुलों की मरम्मत तथा नई परियोजनाओं के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाना बेहद आवश्यक था। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से लोक निर्माण विभाग नई सड़कों का निर्माण, पुराने पुलों की मरम्मत और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का कार्य कर सकेगा।

चारधाम यात्रा और पर्यटन के विकास के संदर्भ में भी महापौर दीपक बाली ने बजट को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट से चारधाम यात्रा मार्गों के विस्तार और ऑल वेदर रोड परियोजना को गति मिलेगी। उनके अनुसार इन परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियां भी तेज होंगी। महापौर दीपक बाली ने कहा कि पिछले वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए कार्यों के कारण राज्य में सड़क लंबाई में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है और इस बार का बजट इस विकास को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी विकास का लाभ मिलेगा।

प्रदेश के समग्र विकास की भावना को दोहराते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि यह बजट उत्तराखंड के पूर्ण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें निरंतरता, समग्र विकास, कौशल विकास और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। महापौर दीपक बाली ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बजट के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह बजट युवाओं और महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान जरूरतों को ही नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

अंत में महापौर दीपक बाली ने कहा कि बजट 2026–27 उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट दूरदर्शी, सर्वसमावेशी और विकासोन्मुखी है, जो राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की क्षमता रखता है। महापौर दीपक बाली ने विश्वास जताया कि यदि इस बजट में घोषित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और प्रदेश की जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल राज्य के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है।

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