काशीपुर। उत्तराखंड की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी और कद्दावर छवि के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद, आज काशीपुर की धरा पर एक नया राजनीतिक इतिहास रचा गया। ब्लॉक अध्यक्ष श्री राजू चीना जी के आवास पर आयोजित इस भव्य स्वागत समारोह में उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह बना कि क्षेत्र में सत्ता परिवर्तन की लहर अब सुनामी का रूप ले चुकी है। कार्यक्रम की शुरुआत होते ही कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा और गगनभेदी नारों के साथ राजकुमार ठुकराल का अभिनंदन किया, जिससे पूरा वातावरण कांग्रेसमय हो गया। इस दौरान मंच से संबोधन करते हुए ठुकराल ने न केवल अपने राजनीतिक संघर्षों की दास्तां बयां की, बल्कि भाजपा की वर्तमान नीतियों पर तीखे प्रहार करते हुए कार्यकर्ताओं को आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए कमर कसने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस का कुनबा अब और बड़ा होने जा रहा है और जल्द ही प्रदेश के बारह दिग्गज नेता पार्टी का दामन थामेंगे, जो राज्य की सियासत में एक बड़ा उलटफेर साबित होगा।
अपने संबोधन की गहराई में उतरते हुए राजकुमार ठुकराल ने भावुक स्वर में उन पुराने दिनों को याद किया जब उन्होंने छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने स्वर्गीय सत्येंद्र चंद्र गुड़िया जी के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए बताया कि कैसे 15 नवंबर 1989 को उनके एक पत्र ने उनके शैक्षिक और राजनीतिक जीवन की दिशा बदल दी थी। ठुकराल ने बताया कि वे एमए समाजशास्त्र के टॉपर थे, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष की राह पर ला खड़ा किया। गुड़िया जी के दबदबे और कार्यशैली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर के नेताओं में जो रसूख और जनता के प्रति प्रेम था, वही आज कांग्रेस की असली शक्ति है। उन्होंने पूर्व सांसद श्री केसी सिंह बाबा जी और अपने बड़े भाई समान श्री मुकेश मल्होत्रा जी के योगदान को भी रेखांकित किया, जिन्होंने काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में कांग्रेस की जड़ों को सींचा है। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के दिखाए रास्तों पर चलकर ही आज कांग्रेस निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है और जनता का विश्वास पुनः प्राप्त कर रही है।
अपनी पुरानी पार्टी भाजपा पर निशाना साधते हुए ठुकराल ने बड़े ही बेबाक अंदाज में अपने निष्कासन और टिकट कटने के दर्द को साझा किया। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा कि टिकट उन लोगों का काटा जाता है जो भ्रष्टाचार, व्यभिचार या किसी अनैतिक कार्य में लिप्त होते हैं, लेकिन उनका टिकट मात्र कुछ धनबल के लालची लोगों की साजिश के कारण काटा गया। उन्होंने गर्व से याद दिलाया कि 2017 में उन्हें पूरे उत्तराखंड में सर्वाधिक मत प्राप्त हुए थे और उन्होंने न केवल अपनी सीट जीती बल्कि कई मेयर और सांसदों की जीत सुनिश्चित की थी। बावजूद इसके, उनके साथ जो विश्वासघात हुआ, उसका जवाब जनता ने निर्दलीय चुनाव में मिले भारी समर्थन से दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सवा साल तक उन्हें बेसहारा छोड़ दिया गया, लेकिन अंततः राहुल गांधी जी की कांग्रेस ने उन्हें आसरा दिया। अब वे भाजपा के उस किले को ढहाने के लिए तैयार हैं जिसे उन्होंने कभी अपने खून-पसीने से सींचा था।
क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा करते हुए राजकुमार ठुकराल ने काशीपुर और रुद्रपुर क्षेत्र में सक्रिय ‘डंपर माफिया’ के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के संरक्षण में ओवरलोडेड डंपर सड़कों पर काल बनकर दौड़ रहे हैं, जो पिछले पांच वर्षों में एक हजार से अधिक मासूमों की जान ले चुके हैं। ठुकराल ने विस्तार से बताया कि कैसे 150 क्विंटल की क्षमता वाले डंपरों में 600 क्विंटल तक माल ढोया जा रहा है और पुलिस प्रशासन के नाम पर हर गाड़ी से अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने सत्ता पक्ष के नेताओं पर सीधा हमला करते हुए कहा कि ये बेईमान नेता अपने स्वार्थ के लिए लोगों के प्राणों से खेल रहे हैं और प्रशासन मौन खड़ा है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि इन भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के लिए अब सड़क पर उतरकर संघर्ष करना होगा, क्योंकि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसा मंच है जो जनता की आवाज को मुखरता से उठा सकता है और इन माफियाओं के तिलिस्म को तोड़ सकता है।
किसानों और युवाओं के मुद्दों को केंद्र में रखते हुए पूर्व विधायक ने हैरी भाई और हिमांशु बाबा जी के नेतृत्व में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आज फसलें तैयार हैं, लेकिन सरकारी केंद्रों पर तौल की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे अन्नदाता परेशान है। बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है, मगर सरकार मुआवजे के नाम पर मौन साधे हुए है। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में फैल रहे नशे के जाल पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि युवा पीढ़ी को बर्बाद होने से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि आपके पास कांग्रेस का बैनर है, तो कोई भी अधिकारी आपकी बात अनसुनी नहीं कर पाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने की शपथ दिलाते हुए कहा कि गुटबाजी कांग्रेस को कमजोर करती है और जो कोई भी पार्टी में फूट डालने की कोशिश करेगा, वह काशीपुर के राजनीतिक नक्शे से मिट जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट जिसे भी मिले, हमारा एकमात्र लक्ष्य ‘हाथ का पंजा’ होना चाहिए।
आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के संदर्भ में एक बड़ी भविष्यवाणी करते हुए राजकुमार ठुकराल ने कहा कि चुनाव समय से पहले होने की पूरी संभावना है। उन्होंने तर्क दिया कि 2027 के प्रारंभ में हरिद्वार में होने वाले ‘अर्ध कुंभ’ के कारण प्रशासनिक व्यवस्थाएं व्यस्त रहेंगी, इसलिए चुनाव नवंबर 2026 में ही संपन्न कराए जा सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए कहा कि आपका ‘वनवास’ अब केवल आठ महीनों का रह गया है, जिसके बाद प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे ऊधम सिंह नगर जिले की सभी नौ सीटों पर कांग्रेस को जिताने के लिए दिन-रात एक कर देंगे। उन्होंने कहा कि वे नानकमत्ता और अन्य धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर संकल्प ले चुके हैं कि जब तक उत्तराखंड की भ्रष्टाचारी सरकार को उखाड़ नहीं फेंकेंगे, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। ठुकराल ने अंत में अपनी एक कविता के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया कि ‘दरिया’ बनकर बहना सीखो, तभी मंजिलों को पा सकोगे।
स्वागत कार्यक्रम के समापन पर राजू चीना जी के आवास पर मौजूद विशाल जनसमूह ने राजकुमार ठुकराल के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया। ठुकराल ने दोहराया कि उनका कोई निजी स्वार्थ, पेट्रोल पंप या कारखाना नहीं है, वे केवल अपनी पेंशन पर गुजारा करने वाले एक सच्चे जनसेवक हैं और उनकी एकमात्र पूंजी जनता का प्यार है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी जी के विकास कार्यों को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड को संवारने में उनका योगदान अतुलनीय है और कांग्रेस उसी विकास की विरासत को आगे बढ़ाएगी। आज के इस कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया है कि काशीपुर ग्रामीण और महानगर क्षेत्र में अब समीकरण बदल चुके हैं। राजकुमार ठुकराल की इस ‘शेर जैसी गर्जना’ ने विरोधियों के खेमे में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस का ग्राफ और तेजी से बढ़ने के संकेत दे दिए हैं।





