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पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी के निधन पर प्रदेश प्रवक्ता और काशीपुर जिला अध्यक्ष ने जताया गहरा शोक

मैक्स अस्पताल में उत्तराखंड की राजनीति के एक स्वर्णिम युग का अंत, सादगी और कड़े अनुशासन के प्रतीक जनरल साहब के महाप्रयाण पर भाजपा नेताओं ने याद किया उनका ऐतिहासिक सुशासन।

काशीपुर। उत्तराखंड की पावन धरा ने आज अपने एक सबसे अनमोल और जांबाज सपूत को हमेशा-हमेशा के लिए खो दिया है, जिससे संपूर्ण हिमालयी राज्य सहित देश के राजनीतिक गलियारे में गहरा सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ गई है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री, भारतीय सेना के पूर्व जांबाज अफसर और अद्वितीय राजनीतिज्ञ मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी अब हमारे बीच नहीं रहे और उन्होंने राजधानी देहरादून के प्रतिष्ठित मैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान अपनी अंतिम सांसें लीं। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे इस महान राष्ट्रभक्त के पार्थिव शरीर को छोड़ देने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर प्रसारित हुई, पूरे उत्तराखंड में मानो वक्त ठहर गया और हर राष्ट्रभक्त की आंखें आंसुओं से नम हो गईं। इस बेहद दुखद और हृदयविदारक समाचार के मिलते ही भारतीय जनता पार्टी के भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी और काशीपुर जिला अध्यक्ष मनोज ने इस महान आत्मा को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना भारतीय राजनीति के एक बेहद गौरवशाली, अनुशासित और ईमानदार अध्याय का हमेशा के लिए बंद हो जाना है।

राजनीति के इस सबसे चमकदार और बेदाग सितारे के महाप्रयाण पर अपनी गहरी और मर्मस्पर्शी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी ने बेहद भावुक शब्दों में कहा कि निश्चित रूप से आज उत्तराखंड की समकालीन राजनीति में एक बेहद विराट और गौरवशाली युग का अवसान हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि माननीय जनरल खंडूड़ी जी का पूरा जीवन शौर्य, सादगी और शुचिता की एक जीती-जागती मिसाल था, जिन्होंने इस सीमांत प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में और फिर भारत सरकार के एक बेहद कद्दावर केंद्रीय मंत्री के रूप में देश और समाज की जो ऐतिहासिक और बेमिसाल सेवा की, उसे इतिहास के पन्नों से कभी ओझल नहीं किया जा सकता। आज समूचे देश और प्रदेश की जनता उनके उसी कड़े अनुशासन, बेजोड़ सादगी, प्रशासनिक शुद्धता, मातृभूमि के प्रति उनके असीम समर्पण और अटूट कर्तव्यनिष्ठा को याद कर रही है, जिसने उन्हें जन-जन का चहेता नायक बना दिया था। विकास तिवारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी और उभरते हुए राजनेताओं के लिए जनरल साहब का जीवन एक जीवंत संदेश और मार्गदर्शिका की तरह है, जिससे यह सीखा जा सकता है कि राजनीति के शीर्ष शिखर पर पहुंचकर भी किस तरह एक आम और बेहद सामान्य इंसान की तरह सादगी से जीवन जिया जा सकता है।

देश के बुनियादी ढांचे को एक नई और आधुनिक दिशा देने में जनरल साहब के अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी ने भारत के विकास में उनके ऐतिहासिक कार्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों की कमान संभालते हुए जनरल खंडूड़ी जी के कालखंड में जो ऐतिहासिक श्स्वर्णिम चतुर्भुज योजनाश् धरातल पर उतारी गई थी, उसने पूरे देश की परिवहन व्यवस्था और आर्थिक प्रगति की तस्वीर और तकदीर को पूरी तरह से बदलकर रख दिया था। इसके साथ ही जब वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हुए, तो उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद जिस कुशलता से प्रदेश के वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे का होशाधन और सुदृढ़ीकरण किया, उसे आज भी नीति निर्माता एक नजीर के रूप में देखते हैं। इन तमाम ऐतिहासिक पलों और उपलब्धियों को याद करते हुए भावुक मन से उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी ने अपना एक सबसे मजबूत स्तंभ और मार्गदर्शक खो दिया है, जिसकी वजह से संगठन को एक ऐसी अपूरणीय और कभी न पूरी होने वाली क्षति हुई है जिसकी भरपाई आने वाले कई दशकों तक मुमकिन नहीं होगी। उन्होंने गंगा मैया और परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की कि वे शोकाकुल परिजनों को इस अपार और असहनीय दुख को सहने की आत्मिक शक्ति प्रदान करें।

उत्तराखंड के इस महान विकास पुरुष के मुख्यमंत्री रहते हुए किए गए ऐतिहासिक कार्यों और राज्य के विकास में उनके अमूल्य योगदान का एक निष्पक्ष और गहरा विश्लेषण करते हुए भाजपा के इन वरिष्ठ नेताओं ने उनके कार्यकाल को प्रदेश का स्वर्ण काल करार दिया। जब उनसे यह पूछा गया कि आने वाली युवा पीढ़ी और वर्तमान नेतृत्व को उनके जीवन से क्या मार्गदर्शन लेना चाहिए, तो प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी ने बड़े गर्व के साथ उनकी प्रशासनिक कार्यप्रणाली का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी ने इस पहाड़ी राज्य में श्जीरो टॉलरेंसश् यानी भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की जिस कठोर नीति को धरातल पर लागू किया था, वह आज भी सुशासन की सबसे बड़ी परिभाषा है। उनके राज में सरकारी महकमों और आला अधिकारियों पर शासन का एक ऐसा कड़ा और निष्पक्ष अंकुश रहता था कि किसी भी स्तर पर ढिलाई या भ्रष्टाचार की कल्पना करना भी असंभव था, क्योंकि वे गलत काम के खिलाफ एक सख्त सैन्य प्रशासक की भूमिका में आ जाते थे।

शासन-प्रशासन में शुचिता और पारदर्शिता के उस सुनहरे दौर को याद करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि जनरल खंडूड़ी जी के मुख्यमंत्रित्व काल में भ्रष्टाचार के लिए पूरे उत्तराखंड में रत्ती भर भी स्थान नहीं था और वे ईमानदारी से समझौता करने के सख्त खिलाफ थे। आज की हमारी वर्तमान सरकार, हमारे सम्मानित मंत्रियों, विधायकों और पूरी शीर्ष लीडरशिप को उनके उस गौरवशाली कालखंड, उनकी कार्यशैली और उनके कड़े सिद्धांतों से हमेशा प्रेरणा लेनी चाहिए ताकि एक आदर्श समाज का निर्माण किया जा सके। इस पहाड़ी प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने वाले हर छोटे-बड़े राजनेता को उनके द्वारा किए गए जनकल्याणकारी और पारदर्शी कार्यों का गहराई से अनुसरण करना चाहिए, तभी हम उनके सपनों के समृद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड का निर्माण कर पाएंगे। उधर, काशीपुर जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने भी इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जनरल साहब का बेदाग और निष्कलंक चरित्र हमेशा हम सभी कार्यकर्ताओं का पथ प्रदर्शन करता रहेगा और उनका जाना केवल भाजपा की नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र की एक सामूहिक और अत्यंत मर्मभेदी क्षति है।

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