काशीपुर। पुलिस ने दुपहिया वाहन चोरों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में बड़ी सफलता हासिल की है, जिनके कब्जे से चोरी की आधा दर्जन मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। ऊधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों और कुशल रणनीतिक मार्गदर्शन के बाद काशीपुर कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए शहर में आतंक का पर्याय बन चुके इन वाहन चोरों की कमर तोड़ दी है। मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने न केवल आरोपियों को दबोचा, बल्कि उनके पास से बरामद मोटरसाइकिलों के माध्यम से चोरी की कई गुत्थियों को सुलझाने में कामयाबी पाई है। इस सफल ऑपरेशन के बाद क्षेत्र के वाहन स्वामियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कुछ समय से शहर के अलग-अलग हिस्सों से लगातार बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन अब खाकी के इस प्रहार ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।
इस पूरे मिशन को अंजाम देने के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली काशीपुर हरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में एक जांबाज पुलिस टीम का गठन किया गया था, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के जरिए चोरों के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। पुलिस टीम ने सुरागरसी और पतारसी के दौरान अपना जाल बिछाया और 28 मार्च 2026 को उस समय बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब गुरुद्वारे के पीछे ईदगाह के सामने स्थित आम के बाग की ओर जाने वाले सुनसान रास्ते पर घेराबंदी कर दो संदिग्धों को रोक लिया गया। पुलिस की तीखी पूछताछ के सामने आरोपी अधिक देर तक टिक नहीं पाए और उन्होंने अपने जुर्म को कबूल करते हुए चोरी की उन बाइकों का राज उगल दिया जिन्हें वे ठिकाने लगाने की फिराक में थे। पुलिस की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता और उसे उसके किए की सजा भुगतनी ही होगी।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान जसपुर और आईटीआई क्षेत्र के रहने वाले शातिर बदमाशों के रूप में हुई है, जिनमें पहला नाम रितेश कुमार उर्फ निक्का पुत्र तेजपाल सिंह है, जो काली माता मंदिर रोड मोहल्ला भूप सिंह थाना जसपुर का निवासी है और जिसकी उम्र करीब 25 वर्ष बताई जा रही है। वहीं, उसका दूसरा साथी विशाल दिवाकर उर्फ कालू पुत्र स्वर्गीय रघुवीर दिवाकर है, जो पशुपति विहार कॉलोनी थाना आईटीआई का रहने वाला है और इसकी उम्र लगभग 24 साल है। ये दोनों अपराधी मिलकर शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों और पार्किंग स्थलों से मास्टर की का उपयोग कर पलक झपकते ही मोटरसाइकिलें उड़ा लिया करते थे। रितेश कुमार उर्फ निक्का और विशाल दिवाकर उर्फ कालू के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब इनके अन्य साथियों और चोरी के वाहनों को खरीदने वाले कबाड़ियों के नेटवर्क की भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस गैंग को जड़ से मिटाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।
पुलिस की इस दबिश के दौरान बरामदगी का विवरण भी काफी चौंकाने वाला रहा है, जहाँ अभियुक्तों के कब्जे से कुल 06 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं, जो शहर के अलग-अलग मुकदमों से जुड़ी हुई हैं। इनमें कोतवाली काशीपुर में दर्ज मुकदमा एफआईआर नंबर 107/2026 और 109/2026 के तहत चोरी गई दो मोटरसाइकिलें हीरो स्प्लेंडर प्लस शामिल हैं, जिनके चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर पुलिस रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खा रहे हैं। बरामद वाहनों में सुपर स्प्लेंडर (UK25BC-5492), स्प्लेंडर प्लस (UP61AY-7047), एक अन्य सुपर स्प्लेंडर और एक तेज रफ्तार पल्सर 150 (UK07BU-6149) भी शामिल है, जिन्हें इन चोरों ने अवैध लाभ कमाने के लिए छिपाकर रखा था। बरामदगी की इस बड़ी सूची ने साफ कर दिया है कि यह गिरोह कितना सक्रिय था और योजनाबद्ध तरीके से दुपहिया वाहनों को निशाना बना रहा था, जिससे आम जनता के बीच सुरक्षा का अभाव महसूस हो रहा था।
इस सफल कार्यवाही को अंजाम देने वाली पुलिस टीम के वीरों का नाम विभाग की ओर से गर्व के साथ सार्वजनिक किया गया है, जिन्होंने दिन-रात एक कर इन अपराधियों को दबोचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में SI कौशल भाकुनी, SI सौरभ भारती और SI गिरीश चन्द्र के साथ-साथ जांबाज कांस्टेबल संख्या 777 प्रेम कनवाल, कांस्टेबल 93 महेन्द्र सिंह देवडी, कांस्टेबल 525 दीपक जोशी और कांस्टेबल 445 देवानन्द शामिल रहे। इन सभी जांबाज जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और सटीक सूचना के आधार पर अपराधियों के गुप्त ठिकानों पर प्रहार किया। पुलिस के इस सराहनीय कार्य की वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रशंसा की है और इस सफलता से पुलिस के मनोबल में भारी वृद्धि हुई है, जबकि शहर के बदमाशों के बीच अब पुलिस के खौफ का साया मंडराने लगा है।
वर्तमान में गिरफ्तार किए गए इन दोनों अपराधियों के विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूरी कर ली गई है और उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहाँ से उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस अब इन अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है ताकि इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी सजा सुनिश्चित की जा सके और समाज को यह संदेश दिया जा सके कि अपराध का रास्ता हमेशा बर्बादी की ओर ही ले जाता है। काशीपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी संदिग्धों और अपराधियों के खिलाफ ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि शहर में अमन-चैन का माहौल बना रहे और नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। पुलिस की इस कार्रवाई ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था की धाक जमा दी है और यह मामला आने वाले दिनों में अपराधियों के लिए एक बड़ी चेतावनी साबित होगा।





