रामनगर। पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय इन दिनों शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर विशेष चर्चा में है। यहां अध्ययनरत स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों के लिए विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान उत्तराखण्ड के आयोजकत्व में भारत बौद्धिक राष्ट्रीय परीक्षा 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। यह परीक्षा न केवल बौद्धिक क्षमता को परखने का माध्यम है, बल्कि राष्ट्रव्यापी स्तर पर विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सशक्त मंच भी प्रदान करती है। महाविद्यालय परिसर में परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और विद्यार्थियों के बीच इसे लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है। यह परीक्षा विद्यार्थियों की तार्किक सोच, विषयगत समझ और विश्लेषण क्षमता को परखने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता को नई दिशा मिल सके।
इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के महाविद्यालय संयोजक डॉ. मूलचन्द्र शुक्ल ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत बौद्धिक राष्ट्रीय परीक्षा में इस वर्ष पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर से कुल 212 छात्र-छात्राओं ने सशुल्क पंजीकरण कराया है। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि विद्यार्थियों में इस परीक्षा को लेकर गंभीरता और रुचि दोनों ही मौजूद हैं। सभी पंजीकृत परीक्षार्थी निर्धारित तिथि 31 जनवरी 2026 को अपने-अपने परीक्षा केन्द्र, यानी रामनगर महाविद्यालय में उपस्थित होकर परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा का समय प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को शांत और अनुशासित वातावरण में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का अवसर मिल सके।
परीक्षा की संरचना को लेकर भी महाविद्यालय प्रशासन ने विस्तृत जानकारी साझा की है। भारत बौद्धिक राष्ट्रीय परीक्षा दो भागों में आयोजित की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों के ज्ञान और लेखन कौशल दोनों की समुचित जांच हो सके। प्रथम भाग में कुल 180 बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल होंगे, जिनमें से परीक्षार्थियों को केवल 80 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। यह व्यवस्था विद्यार्थियों को अपनी समझ और आत्मविश्वास के अनुसार प्रश्न चयन की स्वतंत्रता प्रदान करती है। वहीं द्वितीय भाग में विस्तृत उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें चार या पांच प्रश्न दिए जाएंगे और इनमें से 20 अंकों के किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखना अनिवार्य होगा। इस तरह परीक्षा का स्वरूप संतुलित और बौद्धिक रूप से चुनौतीपूर्ण रखा गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित परीक्षा में पुरस्कारों की घोषणा भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले एक प्रतिभागी को एक लाख रुपये की धनराशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी। वहीं द्वितीय स्थान हासिल करने वाले दो प्रतिभागियों को पचास हजार रुपये की राशि दी जाएगी। तृतीय स्थान पर रहने वाले चार विजेताओं को पचीस हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दो सौ प्रतिभागियों को सान्त्वना पुरस्कार के रूप में पचीस सौ रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि देकर उनकी मेहनत और प्रतिभा को सम्मानित किया जाएगा।
परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार सम्पन्न कराने के लिए महाविद्यालय प्रशासन ने एक विशेष समिति का गठन किया है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर एम.सी. पाण्डे के निर्देशन में गठित इस समिति में विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की चूक न हो। समिति में संयोजक के रूप में डॉ. मूलचन्द्र शुक्ल, उपसंयोजक के रूप में डॉ. नीमा राणा के साथ-साथ डॉ. सुभाष पोखरियाल, डॉ. ममता भदोला जोशी एवं परीक्षा प्रभारी डॉ. शरद भट्ट को शामिल किया गया है। सभी सदस्यों ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित होती है, बल्कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान के स्तर को राष्ट्रीय पैमाने पर परखने का अवसर भी मिलता है। पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए यह परीक्षा एक चुनौती के साथ-साथ उपलब्धि हासिल करने का सुनहरा अवसर है। परीक्षा की तैयारी को लेकर महाविद्यालय में शैक्षणिक वातावरण और अधिक सक्रिय हो गया है और विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन में जुटे हुए हैं।
अंत में प्राचार्य प्रोफेसर एम.सी. पाण्डे ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए आशा व्यक्त की कि छात्र-छात्राएं पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन हर स्तर पर विद्यार्थियों के साथ खड़ा है और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। यह परीक्षा न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का माध्यम बनेगी, बल्कि महाविद्यालय और क्षेत्र का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेगी। विद्यार्थियों में भी इस परीक्षा को लेकर सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है, जो इसके सफल आयोजन का संकेत है।





