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नेशनल हाईवे की बदहाली पर बरसी कांग्रेस और भाजपा सरकार के खिलाफ फूंका आंदोलन का बिगुल

काशीपुर से रामनगर तक बिछी जानलेवा गड्ढों की चादर ने विकास के दावों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिसके खिलाफ कांग्रेस ने अब सड़कों पर उतरकर सरकार को अंतिम चेतावनी दे दी है।

काशीपुर। देवभूमि उत्तराखंड के महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र काशीपुर में आज विकास के दावों और धरातल की कड़वी सच्चाई के बीच एक बड़ा वैचारिक और राजनीतिक टकराव देखने को मिला। काशीपुर से रामनगर को जोड़ने वाले अति-महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे की बदहाली, जो पिछले लंबे समय से क्षेत्रीय जनता के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं रही है, उसके खिलाफ आज मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। महानगर कांग्रेस कमेटी की ऊर्जावान अध्यक्ष अलका पाल के ओजस्वी नेतृत्व में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक विशाल और अनुशासित रेला सड़कों पर उतरा, जिसने सीधे तौर पर प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यशैली और विकास के खोखले ढोल की पोल खोलकर रख दी। उप जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जिस प्रकार का जन-सैलाब और कार्यकर्ताओं का जोश देखने को मिला, वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि काशीपुर की जनता अब धूल, कीचड़ और जानलेवा गड्ढों वाली जिंदगी से ऊब चुकी है। कार्यकर्ताओं के हाथों में लहराती तख्तियां और हवा में गूंजते सरकार विरोधी नारे इस बात की गवाही दे रहे थे कि अब जनता के सब्र का बांध टूट चुका है और वे अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार हैं।

आंदोलन की धार को और तेज करते हुए महानगर अध्यक्ष अलका पाल ने राज्य सरकार पर तीखे जुबानी तीरों से प्रहार किया और कहा कि काशीपुर से रामनगर के बीच की यह लगभग 30 किलोमीटर की सड़क अब केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की विफलता का एक जीता-जागता स्मारक बन चुकी है। उन्होंने अत्यंत कड़े लहजे में आरोप लगाया कि विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है, जो न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के सामने उत्तराखंड की छवि को मटियामेट कर रही है। अलका पाल ने कहा कि यह सड़क आज सरकार के उन विज्ञापनों का मुंह चिढ़ा रही है जिनमें श्डबल इंजनश् की रफ्तार का बखान किया जाता है। हकीकत यह है कि इस मार्ग पर चलना किसी युद्ध क्षेत्र में चलने जैसा जानलेवा अनुभव बन गया है। दुर्घटनाएं अब यहाँ की नियति बन चुकी हैं और मासूम जनता की जान के साथ यह खिलवाड़ पिछले कई महीनों से अनवरत जारी है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि काशीपुर के विकास की इस प्रकार की सौतेली उपेक्षा अब और कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कांग्रेस पार्टी ईंट से ईंट बजाने के लिए तैयार है।

सरकार की नीति और नीयत पर सीधा हमला करते हुए एआईसीसी सदस्य एवं प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास के नाम पर केवल जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को असली विकास देखना है, तो उसे एक बार इस नेशनल हाईवे पर सफर करना चाहिए, जहाँ हर कदम पर गहरे और जानलेवा गड्ढे राहगीरों का स्वागत करते हैं। अनुपम शर्मा ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सड़क भाजपा के उन झूठे वादों का जीवंत नमूना है, जो चुनाव के समय जनता से किए गए थे। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में प्रशासन को आगाह किया कि यदि इस मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य तत्काल युद्ध स्तर पर प्रारंभ नहीं किया गया, तो कांग्रेसी कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे और सरकार के खिलाफ एक ऐसा उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा जिसकी तपिश देहरादून तक महसूस की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि काशीपुर की जनता ने भाजपा को भरपूर समर्थन दिया, लेकिन बदले में उन्हें केवल टूटी सड़कें और धूल भरे फेफड़े मिले हैं। इस उपेक्षा का बदला जनता आने वाले समय में जरूर लेगी और कांग्रेस इस लड़ाई में जनता के साथ ढाल बनकर खड़ी रहेगी।

विपक्ष के इस सामूहिक प्रहार में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज जोशी एड., पूर्व महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन और हरीश कुमार सिंह एड. ने भी अपनी आवाज बुलंद की और कहा कि काशीपुर का दुर्भाग्य है कि यहाँ के जनप्रतिनिधि सत्ता के मद में चूर होकर जनता के दुखों से पूरी तरह कट चुके हैं। विमल गुड़िया, ब्रह्मपाल, सरित चतुर्वेदी, अरुण चौहान और सुभाष पाल जैसे अनुभवी नेताओं ने साझा बयान में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो भाजपा के नेता और संबंधित विभाग के अधिकारी किसी बड़ी और हृदयविदारक दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार तभी जागेगी जब इस खस्ताहाल सड़क पर कोई मासूम अपनी जान गंवा देगा? इन नेताओं ने कहा कि काशीपुर के विकास के प्रति सरकार ने अपनी आंखों और कानों पर पट्टी बांध रखी है, जिससे शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह चरमरा गया है। भाजपा सरकार केवल कागजी आंकड़ों में विकास की गंगा बहा रही है, जबकि धरातल पर स्थिति यह है कि 30 किलोमीटर का सफर तय करने में घंटों का समय लग रहा है और वाहनों की हालत जर्जर हो रही है। कांग्रेस ने मांग की कि इस मार्ग के लिए आवंटित बजट और निर्माण की वर्तमान स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाए।

आज के इस विशाल विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस की संगठनात्मक एकता का जबरदस्त प्रदर्शन हुआ, जहाँ सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता अपने नेताओं के पीछे चट्टान की तरह खड़े नजर आए। इस प्रदर्शन में अलका पाल, अनुपम शर्मा, मुशर्रफ हुसैन, मनोज जोशी, विमल गुड़िया, सरित चतुर्वेदी, अर्पित मल्होत्रा, विनोद होंडा, अरुण चौहान, चंद्रभूषण डोभाल, संतोष मल्होत्रा, ब्रह्मपाल, सुभाष पाल, अर्पित मेहरोत्रा, जितेंद्र सरस्वती, प्रदीप जोशी, संदीप चतुर्वेदी एड., संजीव शर्मा, हनीफ अंसारी, अनीस अंसारी, परम सिंधु, राकेश यादव, इंदर सिंह एड., गौरव चौधरी, सारिम सैफी, रंजना गुप्ता, राकेश भगत, जगदीश पाल, अमित रावत, विजय घड़ियाल, रवि पौपने, इलियास महागीर और शदान इकबाल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन सभी कार्यकर्ताओं ने एक सुर में काशीपुर-रामनगर हाईवे के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर गगनभेदी नारेबाजी की। उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी हाईवे जाम करने जैसे कठोर कदम उठाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और स्थानीय प्रशासन की होगी।

शहर के प्रबुद्ध वर्ग और युवाओं ने भी इस आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया है, क्योंकि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर उठकर जनहित का बन चुका है। युवा नेता अर्पित मेहरोत्रा, जितेंद्र सरस्वती और प्रदीप जोशी ने कहा कि वे इस मुद्दे को सोशल मीडिया के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाएंगे ताकि भाजपा के विकास के दावों की कलई खोली जा सके। वहीं संदीप चतुर्वेदी एड. और संजीव शर्मा ने कानूनी दृष्टिकोण से भी इस लापरवाही को जनता के साथ अपराध करार दिया। महिला नेत्रियों में रंजना गुप्ता ने कहा कि धूल और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले परिवारों और विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। हनीफ अंसारी, अनीस अंसारी और परम सिंधु ने कहा कि व्यापारिक दृष्टि से भी यह मार्ग काशीपुर की कमर तोड़ रहा है क्योंकि व्यापारियों का माल समय पर नहीं पहुंच पा रहा है और परिवहन लागत बढ़ गई है। राकेश यादव, इंदर सिंह एड. और गौरव चौधरी ने चेतावनी दी कि यह केवल एक शुरुआत है और आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन तहसील परिसर से निकलकर हर चौराहे तक फैलेगा।

ज्ञापन सौंपने के पश्चात कांग्रेस नेताओं ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वे तब तक चौन से नहीं बैठेंगे जब तक इस 30 किमी की सड़क का एक-एक इंच हिस्सा दुरुस्त नहीं हो जाता। सारिम सैफी, विनोद होंडा, जगदीश पाल और अमित रावत ने कहा कि काशीपुर की उपेक्षा अब असहनीय हो गई है। चंद्रभूषण डोभाल, विजय घड़ियाल, रवि पौपने, इलियास महागीर और शदान इकबाल ने भी इस बात पर जोर दिया कि भाजपा सरकार केवल बड़े औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने में व्यस्त है और आम जनता की बुनियादी जरूरतों जैसे सड़क, बिजली और पानी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। आज के इस प्रदर्शन ने काशीपुर की राजनीतिक फिजां में एक नई गर्मी पैदा कर दी है और सत्ताधारी दल के नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस कड़े ज्ञापन और चेतावनी पर क्या संज्ञान लेता है और काशीपुर-रामनगर हाईवे के नसीब में कब तक बदलाव आता है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि उनका संघर्ष केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे इसे सड़क से सदन तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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