काशीपुर। शहर में लगातार बढ़ रहे निर्माण कार्यों और उससे निकलने वाले मलबे को लेकर नगर निगम काशीपुर ने सख्त रुख अपनाया है। शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर बेतरतीब ढंग से फेंके जा रहे निर्माण और ध्वस्तीकरण से उत्पन्न कचरे को लेकर प्रशासन पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही या मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम कार्यालय की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में साफ कहा गया है कि भवन निर्माण, तोड़फोड़ या मरम्मत के दौरान निकलने वाला मलबा किसी भी सार्वजनिक स्थान पर डालना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह कदम शहर की स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि सड़कों पर फैल रहे मलबे से होने वाली परेशानियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
नगर निगम काशीपुर के सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल शाह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण या ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबे के निस्तारण के लिए निगम ने एक व्यवस्थित प्रक्रिया तय की है। उनके अनुसार, यदि किसी भवन या भू-स्वामी के यहां से निर्माण मलबा निकलता है, तो उसे हटवाने के लिए नगर निगम के दूरभाष नंबर 75514 पर अनिवार्य रूप से सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के बाद नगर निगम द्वारा अधिकृत माध्यम से मलबा उठाने की व्यवस्था की जाएगी। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि इस सेवा के लिए निगम ने 400 रुपये प्रति टन की दर से यूजर चार्ज निर्धारित किया है। सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल शाह ने बताया कि यह शुल्क केवल मलबा उठाने और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था के लिए है, जिससे शहर की स्वच्छता बनी रह सके और अव्यवस्था न फैले।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई भवन स्वामी या ठेकेदार स्वयं मलबा सड़कों, फुटपाथों, नालियों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डाल देता है और उसे 24 घंटे के भीतर नहीं हटाता है, तो इसे नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। नगर निगम के अनुसार ऐसी स्थिति में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं यूजर चार्ज उपविधि, 2016 के तहत संबंधित भवन या भू-स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में जुर्माना, खर्च की वसूली और अन्य दंडात्मक कदम शामिल हो सकते हैं। निगम ने साफ शब्दों में कहा है कि सार्वजनिक स्थान पर डाले गए मलबे की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी और किसी भी प्रकार का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शहर में पिछले कुछ समय से यह देखने में आ रहा था कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मलबा कई दिनों तक सड़कों पर पड़ा रहता है, जिससे यातायात बाधित होता है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगहों पर नालियों में मलबा डाल दिए जाने से जल निकासी की समस्या भी गंभीर रूप ले चुकी थी। नगर निगम का मानना है कि इस तरह की लापरवाही न केवल शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि बरसात के मौसम में जलभराव और दुर्घटनाओं का कारण भी बनती है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए निगम ने नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि निर्माण कार्य करने वाले लोग अपनी जिम्मेदारियों को समझें और नियमों का पालन करें।
नगर निगम काशीपुर ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। निगम ने भवन स्वामियों से अनुरोध किया है कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ही मलबा निस्तारण की व्यवस्था के बारे में जानकारी ले लें और तय प्रक्रिया के अनुसार ही मलबा हटवाएं। इससे न केवल उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई से बचाव होगा, बल्कि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को भी साफ रखा जा सकेगा। नगर निगम का कहना है कि नियमों का पालन करना केवल कानूनी मजबूरी नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्य भी है।
नगर निगम कार्यालय की ओर से जारी इस सूचना में यह भी कहा गया है कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन होता पाया गया, तो संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। निगम ने यह संकेत भी दिया है कि आने वाले समय में निगरानी और सख्त की जा सकती है, ताकि अवैध रूप से मलबा फेंकने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। नगर निगम का मानना है कि स्पष्ट दिशा-निर्देश और सख्त कार्रवाई के माध्यम से ही शहर में स्वच्छता और अनुशासन कायम किया जा सकता है। यह सार्वजनिक सूचना सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम काशीपुर की ओर से जारी की गई है और सभी नागरिकों से इसका पालन करने की अपेक्षा की गई है।





