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नन्हें कलाकारों की चमक से सजा तारे जमीन पर बना यादगार सांस्कृतिक उत्सव

नन्हें सितारों ने मंच पर बिखेरी संस्कृति की अद्भुत चमक, काशीपुर में तारे जमीन पर कार्यक्रम ने बच्चों की कला और आत्मविश्वास को दिया नया आयाम

काशीपुर। नगर की धरती ने उस समय सांस्कृतिक रंगों की अद्भुत छटा बिखेरी जब श्याम मॉडर्न पब्लिक स्कूल में आयोजित “तारे जमीन पर” कार्यक्रम ने छोटे-छोटे बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को उजागर करने का बेहतरीन मंच प्रदान किया। शाम ढलते ही शुरू हुए इस आयोजन ने आधी रात तक दर्शकों को अपने जादू में बांधे रखा। मंच पर जब नन्हें कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं तो पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। उनकी हर प्रस्तुति ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो वास्तव में आसमान से मासूम तारे उतरकर काशीपुर की धरती पर अपनी रोशनी फैला रहे हों। इस कार्यक्रम ने न केवल बच्चों की कला को सामने लाने का कार्य किया बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिभा किसी अवसर की मोहताज होती है और सही मंच पाकर बच्चे किसी भी बड़े कलाकार को चुनौती दे सकते हैं। देर रात तक लोग मंत्रमुग्ध होकर नन्हीं प्रतिभाओं की अद्भुत झलक देखते रहे और इस संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सांसद खेल महोत्सव की शुरुआत कर पूरे देश में खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में जो कदम उठाया गया था, उसी से प्रेरणा लेते हुए सांस्कृतिक क्षेत्र में भी बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने की कोशिशें तेज हुई हैं। इसी सोच के तहत अमित शर्मा और उनकी पत्नी शालिनी शर्मा ने वर्षों पहले “तारे जमीन पर” कार्यक्रम की नींव रखी थी। यह आयोजन आज काशीपुर की पहचान बन चुका है। अमित शर्मा का मानना है कि बच्चों को केवल किताबों और मोबाइल की दुनिया में कैद न रखकर उन्हें परंपरा, संस्कृति और कला से भी जोड़ा जाना चाहिए। यही कारण है कि इस कार्यक्रम के जरिए बच्चों को गीत, नृत्य, नाटक और संवाद के माध्यम से खुद को साबित करने का अवसर मिलता है। उनकी यह पहल 2008 से निरंतर चल रही है और हर बार बच्चों की नई प्रतिभा सामने आकर सभी को आश्चर्यचकित करती है।

इस अवसर पर ऋषिकुल किड्स जोन के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रामायण झांकी ने पूरे माहौल को भक्ति भाव से भर दिया। जब मासूम बच्चों ने श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान का जीवंत अभिनय किया तो ऐसा लगा जैसे त्रेता युग की पावन कथा पुनः जीवंत हो उठी हो। दर्शक इस झांकी को देखकर भावविभोर हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से परिसर गुंजायमान हो उठा। बच्चों के इस आत्मविश्वास और अदायगी ने साबित कर दिया कि उन्हें यदि सही अवसर मिले तो वे किसी भी बड़ी जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम हैं। इसके अतिरिक्त नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम को और भव्य बना दिया और लोगों ने देर रात तक इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया। वास्तव में यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर संस्कृति और परंपरा से जोड़ने वाला सशक्त प्रयास भी साबित हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय एथलीट और एथलेटिक संघ के अध्यक्ष विजेंद्र चौधरी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि “तारे जमीन पर” अपने नाम के अनुरूप बच्चों को धरती पर तारे बनाकर उतारने का कार्य कर रहा है और अब इन बच्चों को आसमान पर चमकाने की जिम्मेदारी मीडिया और समाज की है। उन्होंने आयोजक अमित शर्मा और शालिनी शर्मा के अथक प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशील शर्मा ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में चंद्रावती तिवारी कन्या महाविद्यालय की उपप्राचार्या श्रीमती दीपिका गुढ़िया आत्रेय, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रुद्रपुर के निवर्तमान प्राचार्य डॉक्टर प्रेम चंद्र चौहान, डॉक्टर गौरव गर्ग, जितेंद्र देवलाल, अलका पाल, मदन ठाकुर, राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र संघ उपाध्यक्ष अक्षय रस्तोगी, सचिव सतनाम सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

स्कूल प्रबंधक अमित शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बच्चों के लिए यह कार्यक्रम अब एक परंपरा बन चुका है और हर वर्ष उनकी उत्सुकता पिछले वर्ष से अधिक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि आज के मोबाइल और इंटरनेट के युग में बच्चों को संस्कृति और परंपरा से जोड़ना बेहद आवश्यक है और यही “तारे जमीन पर” का उद्देश्य भी है। लोकगीत, संवाद, अभिनय और नाट्य के जरिए बच्चों के अंदर की प्रतिभा को बाहर लाना और उन्हें अपनी संस्कृति को याद दिलाना इस कार्यक्रम की मूल भावना है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की पीसीसी सदस्य अलका पाल ने भी इस अवसर पर कहा कि “तारे जमीन पर” अब काशीपुर की पहचान है और बच्चों के चहुमुखी विकास के लिए यह कार्यक्रम लंबे समय तक याद किया जाएगा।

कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। शिशु वर्ग में अशिंका शर्मा ने प्रथम, राधिमा चौधरी ने द्वितीय और देविका गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विशेष पुरस्कार अंश गुप्ता, अयांश अग्रवाल, श्रेयश श्रीवास्तव और धैर्य को दिया गया। कनिष्ठ वर्ग में जिज्ञासा चौहान ने प्रथम, अव्या ने द्वितीय और नविका रस्तोगी ने तृतीय स्थान हासिल किया। वरिष्ठ वर्ग में समीक्षा प्रथम, तनीषा और वैष्णवी द्वितीय तथा शुभ पुष्पक और समृद्धि तृतीय स्थान पर रहे। समूह वर्ग में वर्ग भ् की ओजस्विनी, समप्रीति, पवन चंद्रा, रूद्राक्ष अग्रवाल और सिद्धांत पाहवा की टीम प्रथम रही। वर्ग ज्ञ की वैष्णवी, मान्यता पाल, प्रियल पाल, सोनी पाल और कार्तिक की टीम द्वितीय तथा वर्ग प् के पवन चंद्रा, रूद्राक्ष अग्रवाल, सिद्धांत पाहवा, कृष्णा जोशी, समप्रीति, ओजस्विनी और आरव सजवान की टीम तृतीय रही। समूह वर्ग में विशेष पुरस्कार अंशिका शर्मा और मन्नू को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का संचालन चंकी पांडेय ने किया जबकि आयोजन स्थल पर तेजस्व गौड़, कर्तव्य गौड़, अमित कुमार शर्मा, शालिनी शर्मा, रवि मेहंदीरत्ता, तरुण वर्मा, शिवकुमार गुप्ता, राजकुमार यादव, ललित बाली, आशुतोष शर्मा, अश्विनी शर्मा, कामिनी श्रीवास्तव सक्सेना और एडवोकेट संत अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन अपने आप में काशीपुर के लिए गौरवशाली क्षण बन गया जिसने साबित कर दिया कि छोटे-छोटे प्रयास बड़े सामाजिक बदलाव की दिशा में मजबूत कदम बन सकते हैं और नन्हीं प्रतिभाओं को मंच देकर ही भविष्य के सितारे गढ़े जा सकते हैं।

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कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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