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जसपुर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत, चैती मेले में आने का मिला निमंत्रण

विधायक आदेश चौहान के पुत्र के विवाह उपरांत नवदंपति को आशीर्वाद देने पहुंचे मुख्यमंत्री, हेलीपैड पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और महापौर दीपक बाली ने किया अभिनंदन, काशीपुर के ऐतिहासिक चैती मेले में शामिल होने का आग्रह किया।

काशीपुर। उत्तराखंड के जनपद ऊधमसिंह नगर के जसपुर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां पहुंचे। उनका आगमन जसपुर के कांग्रेस विधायक आदेश चौहान के पुत्र के विवाह उपरांत नवविवाहित दंपति को आशीर्वाद देने के उद्देश्य से हुआ था। मुख्यमंत्री के जसपुर आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में पहले से ही सक्रियता दिखाई दे रही थी। हेलीकॉप्टर के माध्यम से जब मुख्यमंत्री जसपुर के हेलीपैड पर उतरे तो वहां मौजूद काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी अच्छी-खासी मौजूदगी रही, जिससे पूरा माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। स्वागत के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए उन्हें काशीपुर में आयोजित होने वाले उत्तर भारत के विख्यात चैती मेला में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि यह मेला काशीपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ आयोजन है, जिसमें मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस उत्सव की गरिमा को और अधिक बढ़ा देगी।

विवाह समारोह से जुड़े इस कार्यक्रम की पृष्ठभूमि भी उल्लेखनीय रही। दरअसल कुछ समय पहले जसपुर के विधायक आदेश चौहान के पुत्र का विवाह संपन्न हुआ था, लेकिन उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य विधानसभा के सत्र और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों में व्यस्त होने के कारण इस पारिवारिक समारोह में शामिल नहीं हो पाए थे। बाद में जब उन्हें अवसर मिला तो वे स्वयं जसपुर पहुंचे और विधायक आदेश चौहान के आवास पर जाकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री के इस सौहार्दपूर्ण कदम को क्षेत्र के लोगों ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा। राजनीतिक भिन्नताओं से परे जाकर मुख्यमंत्री का विपक्षी दल के विधायक के घर पहुंचना आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक परंपरा की मिसाल माना गया। इस दौरान उन्होंने नव दंपति के उज्ज्वल भविष्य और सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। परिवार के सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। समारोह का माहौल पारिवारिक और आत्मीय बना रहा, जहां राजनीतिक औपचारिकताओं के बजाय सामाजिक सद्भाव की झलक अधिक दिखाई दी।

मुख्यमंत्री के जसपुर आगमन के दौरान काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और महापौर दीपक बाली विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने हेलीपैड पर पहुंचकर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए पुष्पगुच्छ भेंट किया और उनसे क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर भी संक्षिप्त चर्चा की। स्वागत के बाद बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को काशीपुर में 19 मार्च से प्रारंभ होने वाले प्रसिद्ध चैती मेले में आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि काशीपुर की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को नई पहचान दे सकती है और इससे क्षेत्र के पर्यटन व सांस्कृतिक महत्व को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने भी आमंत्रण को सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि यदि कार्यक्रमों की व्यस्तता ने अनुमति दी तो वे अवश्य मेले में शामिल होने का प्रयास करेंगे। इस संवाद ने वहां उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और महापौर दीपक बाली भी विधायक आदेश चौहान के आवास पहुंचे और नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर दंपति के सुखी जीवन की कामना की। इस अवसर पर क्षेत्रीय नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। सामाजिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से यह अवसर खास रहा, क्योंकि विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि एक साथ एक पारिवारिक समारोह में शामिल हुए। इससे आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिली। विवाह के उपरांत आयोजित इस मिलन समारोह में उपस्थित लोगों ने नव दंपति को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया, जिससे क्षेत्र में इस आयोजन की चर्चा लंबे समय तक होती रही।

इस अवसर पर कई अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद रहे जिन्होंने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। सांसद प्रतिनिधि विजय बॉबी, जसपुर के सांसद प्रतिनिधि तीरथ सिंह, प्रकाश नेगी, शीतल जोशी, खड़क सिंह चौहान और नरेंद्र प्रधान सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इसके अलावा काशीपुर के उप जिलाधिकारी भी प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था संभालने के लिए मौजूद रहे। इन सभी लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी संक्षिप्त चर्चा की। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री का जसपुर आगमन क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और इससे स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल बना है। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री के साथ बातचीत कर अपने विचार भी साझा किए। इस पूरे आयोजन में प्रशासनिक और सामाजिक समन्वय साफ दिखाई दिया, जिसने कार्यक्रम को सफल और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने इस अवसर पर चैती मेले के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चैती मेला केवल काशीपुर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक मेलजोल का अद्भुत संगम है। हर वर्ष इस मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक बाजार और मनोरंजन के कई आयोजन होते हैं, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते हैं। महापौर ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री इस मेले में शामिल होते हैं तो इससे मेले की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी तथा प्रदेशभर में इसकी पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और नगर निगम इस आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां कर रहे हैं ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जसपुर में मुख्यमंत्री की इस संक्षिप्त यात्रा ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर सकारात्मक संदेश दिया। एक ओर जहां उन्होंने विधायक आदेश चौहान के परिवार के साथ आत्मीय मुलाकात कर लोकतांत्रिक परंपरा का उदाहरण प्रस्तुत किया, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मिलकर विकास और सांस्कृतिक आयोजनों पर चर्चा भी की। काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और महापौर दीपक बाली द्वारा दिया गया चैती मेले का निमंत्रण भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण पहलू रहा। इससे यह संकेत मिला कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अपने शहर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री की यात्रा के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर उत्सुकता देखी जा रही है कि क्या वे चैती मेले के उद्घाटन या किसी प्रमुख कार्यक्रम में शामिल होंगे। फिलहाल इतना तय है कि जसपुर में हुई यह मुलाकात सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक परंपरा और राजनीतिक संवाद की एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आई है।

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