काशीपुर। राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव का परिणाम देर रात घोषित किया गया, जिसने पूरे नगर में उत्साह का माहौल बना दिया। सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चले मतदान में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते हुए अपने प्रतिनिधियों को चुनने का काम किया। इस दौरान कुल 2226 विद्यार्थियों ने मतदान में भागीदारी निभाई। शाम होते-होते जब मतगणना पूरी हुई तो नतीजों ने साफ कर दिया कि अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी जतिन शर्मा ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की। उन्होंने एबीवीपी उम्मीदवार रिंकू बिष्ट को पीछे छोड़ते हुए ऐसा परचम लहराया कि परिसर तालियों और नारों से गूंज उठा। प्राचार्य डॉ. सुमिता श्रीवास्तव ने तत्पश्चात सभी विजयी प्रत्याशियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई और महाविद्यालय परिवार को नई छात्रसंघ समिति सौंपी।
वोटिंग के बाद हुई मतगणना में परिणाम धीरे-धीरे स्पष्ट होते गए। अध्यक्ष पद पर जतिन शर्मा ने 1587 मत प्राप्त कर भारी अंतर से विजय हासिल की, जबकि रिंकू बिष्ट पिछड़ गए। उपाध्यक्ष पद पर अक्षय रस्तौगी को 1080 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। सचिव पद के लिए मुकाबला रोचक रहा जिसमें सतनाम सिंह ने 1201 मत पाकर सफलता पाई। कोषाध्यक्ष पद पर गरिमा सिंह ने 1387 वोट हासिल कर अपना परचम लहराया। कला संकाय प्रतिनिधि पद पर दीपक कुमार को 930 मतों के साथ जीत मिली, जबकि विज्ञान संकाय से अनिकेत ने 143 वोट लेकर जीत अपने नाम की। विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर पायल थापा ने 869 मत पाकर जीत सुनिश्चित की। इसके अतिरिक्त छात्रा उपाध्यक्ष अनीसा, संयुक्त सचिव मुकुल मौर्य, सांस्कृतिक सचिव नाजिया और वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि दीपक कुमार निर्विरोध चुने गए, जिससे चुनावी माहौल में एक और सादगी का संदेश सामने आया।
विजय के बाद जतिन शर्मा का बयान सबसे अधिक चर्चा में रहा। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि हर उस छात्र और छात्रा की जीत है जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आस्था जताकर मतदान किया। जतिन ने इसे उन बड़े भाइयों और सहयोगियों की सफलता बताया जिन्होंने हर समय साथ खड़े रहकर उन्हें चुनाव लड़ाने और जिताने में योगदान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विद्यार्थियों ने उन्हें वोट दिया और जिन्होंने उनके पक्ष में मतदान नहीं किया, दोनों ही उनके लिए आभार के पात्र हैं क्योंकि लोकतंत्र का आधार ही भागीदारी पर टिका होता है। उनकी नजर में हर वह छात्र जिसने मतदान किया, इस जीत का हिस्सा है।
कामकाज को लेकर जतिन शर्मा ने अपने विचार स्पष्ट रूप से रखे। उन्होंने कहा कि वे ऐसे नेताओं में से नहीं हैं जो केवल वादे करते हों और चुनाव खत्म होते ही गायब हो जाएं। पिछले तीन-चार वर्षों में उन्होंने लगातार छात्रों की समस्याओं पर काम किया है और उसका असर हर शिक्षक और छात्र महसूस कर सकता है। जतिन ने कहा कि काशीपुर के लोग और सोशल मीडिया से जुड़े हर व्यक्ति को उनके कार्यों की जानकारी है और उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए शब्दों की नहीं बल्कि काम की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल वादे करना नहीं बल्कि धरातल पर उन वादों को निभाना है और यही उनकी असली ताकत है।
मतगणना के दौरान हुई एक अप्रत्याशित घटना पर जतिन शर्मा ने संयमित और असरदार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह चर्चा करने लगे थे कि अब चुनाव का माहौल बदल गया है और हवा दूसरी दिशा में बह रही है। इस पर जतिन ने मुस्कुराते हुए कहा कि मौसम चाहे कैसा भी हो, बदलता जरूर है। जिस प्रकार गर्मी के बाद सर्दी का आना तय है, उसी प्रकार मेहनत और सच्चाई की जीत को कोई नहीं रोक सकता। उनका यह बयान न केवल समर्थकों के बीच गूंजा बल्कि विरोधियों को भी स्पष्ट संदेश दे गया कि सच्चे प्रयास और छात्रों का विश्वास ही जीत का वास्तविक आधार होता है।
रात को जब नतीजों की औपचारिक घोषणा हुई तो परिसर उल्लास और उत्साह से भर उठा। डॉ. सुमिता श्रीवास्तव ने सभी विजयी पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उनसे अपेक्षा जताई कि वे महाविद्यालय के हित में ईमानदारी से जिम्मेदारियां निभाएंगे। इस अवसर पर छात्रों का उत्साह देखने लायक था, जिन्होंने अपने पसंदीदा प्रत्याशियों की जीत पर जश्न मनाते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की मिसाल कायम की। काशीपुर का यह छात्रसंघ चुनाव न केवल एक संस्थान की राजनीति तक सीमित रहा बल्कि पूरे नगर में चर्चा का केंद्र बना, जिसमें जतिन शर्मा की एकतरफा जीत ने छात्रों की उम्मीदों और विश्वास को नए आयाम दिए।



