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चैती मेले में चाकू लेकर वारदात की फिराक में घूम रहा शातिर आशु कुमार पुलिस के हत्थे चढ़ा

नखासा बाजार की भीड़ में अवैध हथियार के साथ बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था आरोपी आशु कुमार, आईटीआई पुलिस की सतर्कता से दबोचा गया शातिर, सलाखों के पीछे पहुँचा चाकूबाज अपराधी।

काशीपुर। चैती मेले की चकाचौंध और भारी भीड़ के बीच अशांति फैलाने या किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे असामाजिक तत्वों पर काशीपुर पुलिस का हंटर पूरी ताकत के साथ चला है। कोतवाली आईटीआई पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए चैती मेला परिसर से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है, जो चाकू की धार पर दहशत फैलाने या चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहा था। बुद्धवार को जब पूरा मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस की कड़ी निगरानी में था, तभी नखासा बाजार के पास पुलिस की पैनी नजरों ने एक ऐसे शख्स को ताड़ लिया जिसकी गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं। पुलिस के इस करारे प्रहार ने साफ कर दिया है कि पवित्र चैती मेले की मर्यादा और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और खाकी का यह सख्त पहरा मेले के अंतिम दिन तक इसी तरह मुस्तैद रहेगा।

पुलिस की इस जांबाज टीम का नेतृत्व कर रहे उप निरीक्षक पंकज कुमार और उनके हमराही जांबाज कांस्टेबल बलवंत सिंह बिष्ट जब मेला क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नखासा बाजार की गलियों में गश्त कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक युवक पर पड़ी जो पुलिस की वर्दी देखते ही सकपका गया। खाकी को सामने पाकर युवक के चेहरे पर छाई हवाइयां और उसका अचानक वहां से भागने का प्रयास पुलिस के अनुभव के लिए पर्याप्त इशारा था कि दाल में कुछ काला है। सतर्क पुलिस टीम ने बिना एक पल की देरी किए मुस्तैदी दिखाई और घेराबंदी कर उस संदिग्ध को भागने से पहले ही दबोच लिया। जब पुलिस ने उसे पकड़कर भागने की वजह पूछी, तो वह हड़बड़ाने लगा और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद शक गहराते ही पुलिस ने उसकी जामा तलाशी लेने का निर्णय लिया। तलाशी के दौरान युवक के पास से एक अवैध धारदार चाकू बरामद हुआ, जिसे वह मेले की भीड़ में छिपाकर ले जा रहा था।

पकड़े गए अभियुक्त की पहचान आशु कुमार पुत्र कन्हैयालाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कटरामालियान, बांसफोडान, थाना काशीपुर का निवासी है और वर्तमान में कुंडा क्षेत्र में अपने दिवंगत चाचा हरिओम के घर रह रहा था। 26 वर्षीय इस युवक ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए भाग रहा था क्योंकि उसकी जेब में अवैध हथियार मौजूद था। पुलिस ने अभियुक्त को उसके संवैधानिक अधिकारों और अपराध की गंभीरता से अवगत कराते हुए उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस का मानना है कि मेले जैसे संवेदनशील स्थान पर अवैध चाकू लेकर घूमना किसी बड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा हो सकता था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया है। आईटीआई थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुकदमों की फेहरिस्त में एफआईआर संख्या 90/26 दर्ज की है और आरोपी पर आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत कानूनी शिकंजा कस दिया है।

इस पूरी कार्रवाई के बाद कोतवाली आईटीआई की पुलिस टीम ने आरोपी आशु कुमार को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि उसे उसके किए की उचित सजा मिल सके। मेले के प्रभारी उप निरीक्षक पंकज कुमार और कांस्टेबल बलवंत सिंह बिष्ट की इस सतर्कता की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है, क्योंकि चैती मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही भी बड़ी घटना का सबब बन सकती थी। बरामद किया गया चाकू इस बात का प्रमाण है कि अपराधी मेले की भीड़ का फायदा उठाकर लूटपाट या आपसी रंजिश को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर जनता को आश्वस्त किया है कि चैती मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम हैं और चप्पे-चप्पे पर सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात हैं जो संदिग्धों पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं।

आईटीआई थाना पुलिस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी उन सभी बदमाशों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो कानून की आंख में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं। काशीपुर जनपद उधम सिंह नगर की पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध शस्त्रों के खिलाफ उनका अभियान रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में चेकिंग अभियान को और अधिक सघन बनाया जाएगा। मेले के व्यस्त बाजारों और पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। आशु कुमार जैसे अपराधियों की धरपकड़ से न केवल अपराधों पर अंकुश लगेगा बल्कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच भी सुरक्षा का भाव प्रबल होगा। पुलिस की यह कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि सूचना तंत्र और धरातल पर काम कर रहे सिपाहियों का समन्वय कितना सटीक है, जिससे एक अपराधी को वारदात करने से पहले ही सलाखों के पीछे पहुँचा दिया गया।

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