काशीपुर। खाड़ी देशों में जारी युद्ध का असर अब धीरे-धीरे भारत के विभिन्न हिस्सों में दिखाई देने लगा है और इसका प्रभाव रसोई गैस की उपलब्धता पर भी पड़ता नजर आ रहा है। देश के कई राज्यों में गैस सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ने लगी है, जिससे आम लोगों में चिंता का माहौल बनने लगा है। देवभूमि उत्तराखंड के महत्वपूर्ण शहर काशीपुर में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है, जहां गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें एजेंसियों और गोदामों के बाहर दिखाई दे रही हैं। सुबह होते ही लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसी पहुंचने लगे और घंटों तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई लोग तो सुबह-सुबह ही गैस गोदाम पहुंच गए ताकि समय रहते उन्हें सिलेंडर मिल सके और घर की रसोई का काम प्रभावित न हो। हालांकि प्रशासन की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि जनपद में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी किसी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हालात कुछ अलग तस्वीर बयां कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तो एजेंसियों के बाहर इतनी लंबी लाइनें क्यों लग रही हैं और उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। इसी कारण शहर में हलचल और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
शहर के कई इलाकों से आए उपभोक्ता सुबह से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े दिखाई दिए। विशेष रूप से काशीपुर गैस सर्विसेज में स्थिति कुछ अधिक ही व्यस्त नजर आई, जहां सिलेंडर लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह से लाइन में खड़े हैं लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। कुछ लोगों ने कहा कि उनके घर में गैस पूरी तरह खत्म हो चुकी है जबकि कुछ के पास केवल दो से तीन दिन की ही गैस बची है। ऐसे में वे मजबूर होकर खुद ही सिलेंडर भरवाने के लिए गैस गोदाम पहुंच रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले गैस की गाड़ियां उनके घरों तक नियमित रूप से सिलेंडर पहुंचा देती थीं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कई क्षेत्रों में डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही है। इसी कारण लोगों को खुद एजेंसी और गोदाम तक आना पड़ रहा है। कई परिवारों के लिए यह स्थिति काफी परेशानी भरी हो गई है क्योंकि रसोई गैस के बिना घर का दैनिक जीवन प्रभावित हो जाता है। महिलाओं और बुजुर्गों को भी लंबी लाइन में खड़ा देखा गया, जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
लाइन में खड़े कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह से सिलेंडर भरवाने के लिए इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनकी बारी नहीं आई है। कुछ लोगों ने कहा कि घर में गैस खत्म हो चुकी है और अब खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कई परिवारों के पास केवल दो या तीन दिन की ही गैस बची है, इसलिए वे पहले से ही सिलेंडर लेने के लिए पहुंच गए हैं। लोगों का कहना है कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की खबरों के बाद से लोगों में यह आशंका पैदा हो गई है कि कहीं गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो जाए। इसी कारण कई लोग पहले से ही सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंच रहे हैं। उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि गैस की गाड़ियां समय पर घरों तक सिलेंडर पहुंचाती रहें तो उन्हें इस तरह लाइन में खड़ा होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन जब कई दिनों तक डिलीवरी नहीं होती तो लोग खुद गोदाम जाकर सिलेंडर लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इसी वजह से इस समय काशीपुर में गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। अधिकारियों के अनुसार लोगों में फैली आशंका के कारण अचानक मांग बढ़ गई है, जिससे एजेंसियों के बाहर भीड़ दिखाई दे रही है। प्रशासन का कहना है कि गैस कंपनियों की ओर से पर्याप्त संख्या में सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और किसी भी क्षेत्र में आपूर्ति को रोका नहीं गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें। प्रशासन के अनुसार यदि लोग घबराकर जरूरत से ज्यादा सिलेंडर लेने की कोशिश करेंगे तो इससे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। प्रशासन ने यह भी कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यदि कहीं भी आपूर्ति में समस्या सामने आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है और जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।
इसी बीच काशीपुर गैस सर्विसेज में बढ़ती भीड़ को लेकर एजेंसी प्रबंधन ने भी स्थिति स्पष्ट की है। काशीपुर गैस सर्विसेज के प्रबंधक अमित मनराल ने बताया कि एजेंसी में सिलेंडरों की संख्या मांग के अनुरूप पर्याप्त है और गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। अमित मनराल के अनुसार हाल के दिनों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर की बुकिंग की जा रही है, जिसके कारण एजेंसी पर आने वाले लोगों की संख्या अचानक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि जैसे ही बुकिंग की प्रक्रिया तेज हुई, लोग स्वयं गोदाम पहुंचकर सिलेंडर लेने लगे और इसी कारण एजेंसी के बाहर भीड़ दिखाई दे रही है। अमित मनराल ने कहा कि एजेंसी लगातार सिलेंडर उपलब्ध करा रही है और सभी उपभोक्ताओं को उनकी बारी के अनुसार गैस दी जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और अनावश्यक घबराहट से बचें क्योंकि एजेंसी में पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध हैं।
प्रबंधक अमित मनराल ने आगे कहा कि एजेंसी का पूरा स्टाफ उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार अचानक मांग बढ़ने से एजेंसी पर भीड़ अधिक दिखाई देती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गैस की आपूर्ति कम हो गई है। अमित मनराल के अनुसार इस समय बड़ी संख्या में लोग एक साथ सिलेंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे कतार लंबी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि वितरण की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है ताकि कम समय में अधिक से अधिक लोगों को सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं गैस की कालाबाजारी की सूचना मिलती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन भी इस मामले को गंभीरता से देख रहा है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शहर में गैस सिलेंडर को लेकर बनी इस स्थिति ने लोगों को काफी चिंतित कर दिया है। रसोई गैस हर घर की जरूरत है और इसके बिना दैनिक जीवन प्रभावित हो जाता है। यही कारण है कि जैसे ही गैस की कमी की खबरें सामने आती हैं, लोग तुरंत सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों की ओर दौड़ पड़ते हैं। काशीपुर में भी फिलहाल कुछ ऐसा ही माहौल दिखाई दे रहा है, जहां कई परिवार अपनी रसोई की जरूरतों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। हालांकि प्रशासन और गैस एजेंसियां लगातार यह भरोसा दिला रही हैं कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता को सख्ती से रोका जाएगा।
फिलहाल काशीपुर में गैस एजेंसियों के बाहर दिखाई दे रही भीड़ यह संकेत दे रही है कि लोगों के मन में कहीं न कहीं चिंता जरूर है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और उन्हें इस तरह घंटों लाइन में खड़े होकर सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासन और एजेंसियों की ओर से लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और सभी को उनकी जरूरत के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जाएगी। यदि स्थिति इसी तरह नियंत्रित रहती है तो जल्द ही हालात सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है और शहर में बना यह असमंजस और अफरा-तफरी का माहौल भी धीरे-धीरे खत्म हो सकता है।





