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कोतवाली आईटीआई पुलिस का बड़ा एक्शन अवैध कच्ची शराब भट्टी पकड़ी अभियुक्त गिरफ्तार

बहेला नदी किनारे चल रही अवैध कच्ची शराब की भट्टी पर पुलिस का छापा सुच्चा सिंह गिरफ्तार 3000 लीटर लहन नष्ट 21 लीटर कच्ची शराब और उपकरण जब्त इलाके में मचा हड़कंप।

काशीपुर। ऊधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच कोतवाली आईटीआई पुलिस की लगातार कार्रवाई ने शराब तस्करों और कच्ची शराब बनाने वालों में भारी हड़कंप मचा दिया है। पुलिस की सक्रियता और लगातार हो रही छापेमारी से ऐसे लोग सकते में आ गए हैं जो लंबे समय से गुपचुप तरीके से कच्ची शराब तैयार कर उसे आसपास के क्षेत्रों में बेचने का धंधा चला रहे थे। इसी क्रम में पुलिस को एक बड़ी सफलता उस समय हाथ लगी जब मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम बरखेड़ी क्षेत्र में बहेला नदी के किनारे चल रही कच्ची शराब की भट्टी का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान मौके से एक व्यक्ति को रंगे हाथों कच्ची शराब तैयार करते हुए पकड़ लिया गया, जिससे इलाके में यह संदेश भी गया कि अब अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पुलिस विभाग की ओर से अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत लगातार निगरानी और चेकिंग अभियान को तेज किया गया है। इसी अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक काशीपुर के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी काशीपुर/बाजपुर के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली आईटीआई को सख्त निर्देश दिए गए थे कि क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को किसी भी कीमत पर रोका जाए। इन निर्देशों के बाद पुलिस टीम लगातार संदिग्ध स्थानों पर नजर बनाए हुए थी और ऐसे स्थानों की जानकारी जुटा रही थी जहां कच्ची शराब का अवैध कारोबार संचालित होने की आशंका थी। पुलिस की इसी मुस्तैदी का नतीजा रहा कि दिनांक 08.03.2026 को कोतवाली आईटीआई पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बरखेड़ी के पास बहेला नदी के किनारे अवैध रूप से कच्ची शराब तैयार की जा रही है और वहां बड़ी मात्रा में शराब बनाने का काम चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और मौके की ओर रवाना हो गई।

बताया जा रहा है कि पुलिस टीम जब ग्राम बरखेड़ी के समीप बहेला नदी के किनारे पहुंची तो वहां एक व्यक्ति को कच्ची शराब की कसीदगी करते हुए पाया गया। पुलिस को देखते ही वह व्यक्ति घबराकर इधर-उधर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी एक न चल सकी और टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम सुच्चा सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह निवासी ग्राम छोटी बरखेड़ी कोतवाली आईटीआई जनपद ऊधम सिंह नगर बताया। पुलिस ने जब आसपास के इलाके की तलाशी ली तो वहां कच्ची शराब बनाने के लिए लगाए गए उपकरण और सामग्री भी बरामद हुई। मौके पर मौजूद भट्टी और उपकरणों से यह स्पष्ट हो गया कि लंबे समय से यहां कच्ची शराब तैयार की जा रही थी और इसे आसपास के क्षेत्रों में बेचा जा रहा था। पुलिस ने तत्काल पूरे क्षेत्र को घेरकर वहां मौजूद सामग्री को कब्जे में लेना शुरू कर दिया।

छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण मिले, जिनमें 02 लोहे के ड्रम, 04 प्लास्टिक पाइप, 02 एल्यूमिनियम के चकोर पाइप और 02 प्लास्टिक के पीले रंग के जार शामिल थे। इसके अलावा वहां लगभग 21 लीटर अवैध कच्ची शराब भी बरामद की गई, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। पुलिस टीम ने जांच के दौरान वहां मौजूद बड़े पैमाने पर तैयार किए गए लहन को भी नष्ट कर दिया। जानकारी के अनुसार लगभग 3000 लीटर लहन मौके पर ही नष्ट कर दिया गया ताकि भविष्य में उससे शराब तैयार न की जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई को इलाके में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में लहन का नष्ट किया जाना इस बात का संकेत है कि वहां लंबे समय से अवैध शराब बनाने का धंधा चल रहा था और इससे क्षेत्र में अवैध शराब की आपूर्ति की जा रही थी।

कार्रवाई के बाद पुलिस ने मौके पर ही बरामद की गई शराब, उपकरणों और गिरफ्तार अभियुक्त को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद दाखिला फर्द बरामदगी तैयार करते हुए गिरफ्तारशुदा अभियुक्त सुच्चा सिंह, शराब बनाने के उपकरण और लगभग 21 लीटर अवैध कच्ची शराब को थाना लाया गया। पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली आईटीआई में मुकदमा दर्ज किया है। इस संबंध में मु0एफ0आई0आर न0-70/2026 धारा 60(1)/60(2) आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस कार्रवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ समय से काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में कच्ची शराब के अवैध कारोबार की शिकायतें सामने आ रही थीं। ग्रामीण क्षेत्रों और नदी किनारे के इलाकों में अक्सर इस तरह की भट्टियां लगाकर कच्ची शराब तैयार की जाती है और फिर उसे चोरी-छिपे बेच दिया जाता है। इससे न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि कई बार इस तरह की जहरीली शराब लोगों की जान के लिए भी खतरा बन जाती है। इसी को देखते हुए पुलिस विभाग ने ऐसे मामलों पर सख्ती बरतते हुए लगातार अभियान चलाने का फैसला किया है। कोतवाली आईटीआई पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह संदेश साफ तौर पर पहुंच गया है कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और संदिग्ध स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। साथ ही पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं अवैध शराब का निर्माण या बिक्री हो रही हो तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस और जनता दोनों का सहयोग जरूरी है। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए क्षेत्र में और अधिक सघन चेकिंग और गश्त बढ़ाई जाएगी।

कोतवाली आईटीआई पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग इसे अवैध शराब के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो अवैध शराब का यह कारोबार काफी हद तक खत्म किया जा सकता है। फिलहाल गिरफ्तार अभियुक्त सुच्चा सिंह के खिलाफ विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह के अवैध धंधे को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।

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