काशीपुर। नगर में सोमवार का दिन स्वास्थ्य और जनसेवा की दृष्टि से अत्यंत उल्लेखनीय साबित हुआ, जब महापौर दीपक बाली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर चल रहे सेवा, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य पखवाड़े के अवसर पर राजकीय एल. डी. भट्ट चिकित्सालय में “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” नामक विशेष स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि नारी स्वस्थ है तो परिवार स्वतः ही मजबूत और सशक्त होता है, और जब परिवार की नींव सुदृढ़ होगी, तब समाज और राष्ट्र भी सशक्त रूप में खड़ा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है। इसलिए हर वर्ग का यह कर्तव्य बनता है कि नारी के स्वास्थ्य और उसकी देखभाल के प्रति गंभीरता और जागरूकता का वातावरण तैयार किया जाए, तभी समृद्ध और सक्षम समाज की कल्पना साकार हो सकती है।
स्वास्थ्य शिविर में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ती रही और हजारों महिलाओं और पुरुषों ने यहां पहुंचकर मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण कराए। शिविर में निःशुल्क दवाइयों का भी बड़े पैमाने पर वितरण किया गया, जिससे जरूरतमंदों को तत्काल राहत और संबल मिला। महापौर दीपक बाली ने यह कहते हुए इस शिविर की अहमियत पर जोर दिया कि इस तरह के आयोजन समाज के कमजोर तबके को न केवल चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराते हैं, बल्कि उनकी जिंदगी में सुरक्षा और भरोसे का एहसास भी जगाते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़े का मूल उद्देश्य यही है कि हर व्यक्ति को समय पर इलाज उपलब्ध हो सके और कोई भी सुविधा के अभाव में उपेक्षित न रहे।

इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उद्घाटन के आधे घंटे के भीतर ही तीन हजार से ज्यादा लोगों का पंजीकरण हो चुका था और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। महापौर दीपक बाली ने कहा कि यह केवल एक स्वास्थ्य शिविर नहीं है, बल्कि मातृशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में सार्थक पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि धरातल पर उतारने का ठोस प्रयास है, और इस शिविर ने उस सोच को जीवंत बना दिया है। उनके अनुसार चिकित्सा अधिकारी और पूरी टीम ने जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ इस कार्यक्रम को सफल बनाया है, वह सराहनीय है और सेवा पखवाड़े की भावना को पूर्णता प्रदान करता है।
कार्यक्रम स्थल पर सी एम ओ डॉक्टर के के अग्रवाल, ए सी एम ओ डॉक्टर डीपी सिंह, सीएमएस डॉक्टर संदीप दीक्षित, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर जीत सिंह साहनी, डॉ. गीतांजलि, डॉ. वरुण भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। महापौर ने इन सभी की सेवा भावना और योगदान की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रयासों से ही समाज का विश्वास व्यवस्था पर बढ़ता है। उन्होंने उपस्थित आमजन से भी अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर हों और नियमित जांचें कराते रहें ताकि गंभीर बीमारियों की आशंका समय रहते टाली जा सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि इस आयोजन की प्रेरणा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से ली गई है। उनके अनुसार “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” की संकल्पना को साकार करते हुए जिले के हर ब्लॉक में दो-दो शिविर आयोजित करने के निर्देश मिले थे और उसी के अंतर्गत अब तक सिटी क्षेत्र सहित 19 बड़े स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, त्वचा रोग, नेत्र रोग, ईएनटी समेत सभी प्रमुख चिकित्सा विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर इन शिविरों में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा हाइपरटेंशन, डायबिटीज़, ओरल कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, टीबी और अन्य गंभीर बीमारियों की भी निशुल्क जांच की जा रही है।
अब तक आयोजित इन शिविरों से करीब एक लाख अट्ठासी हजार से ज्यादा मरीज लाभान्वित हो चुके हैं, जो इस योजना की सफलता का स्पष्ट संकेत है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सेवा पखवाड़े को पूरी तरह सफल बनाने के लिए विभाग पूरी तत्परता से जुटा है और आगे भी इस प्रकार के मेगा कैंप लगातार लगाए जाते रहेंगे ताकि आमजन तक चिकित्सा सेवाएं और सरलता से पहुंच सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि केवल आज के शिविर में तीन हजार से अधिक लोग पंजीकृत हो चुके हैं और यह संख्या चार हजार तक पहुंचने की संभावना है। विशेष बात यह है कि मरीजों को केवल तत्काल इलाज ही नहीं बल्कि आगे की फॉलो-अप सुविधा भी प्रदान की जाएगी ताकि उपचार अधूरा न रह जाए और रोगी को निरंतर स्वास्थ्य लाभ मिलता रहे।

हाल ही में एक आशा कार्यकर्ता से जुड़े मामले पर सवाल पूछे जाने पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि वह एक अलग विषय है, जिसकी जांच जारी है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मुद्दों को अलग रखते हुए जनता की भलाई और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सर्वाेच्च प्राथमिकता है। संपूर्ण आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब सरकार, प्रशासन और समाज एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो बड़े पैमाने पर जनहित की योजनाओं को सफल बनाना संभव है और काशीपुर का यह शिविर उसी का जीवंत उदाहरण है।



