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काशीपुर नगर निगम के नुक्कड़ नाटक से नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी

नगर निगम काशीपुर ने वार्डों और मोहल्लों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को गीले और सूखे कचरे के सही प्रबंधन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बचने की अहमियत समझाई।

काशीपुर। नगर निगम काशीपुर द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के तहत जिले के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। इन नुक्कड़ नाटकों में स्वच्छता को लेकर समाज के प्रति संदेश दिए जा रहे हैं और लोगों से अपने घरों व आस-पास के क्षेत्रों को साफ रखने की अपील की जा रही है। नागरिकों को समझाया गया कि नगर निगम की गाड़ी आने पर सभी कचरे को सही ढंग से देना चाहिए। नाटक के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का समर्थन किया और माना कि गीले कचरे और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना क्यों जरूरी है। नगर निगम की टीम ने जनता के साथ संवाद स्थापित करते हुए उन्हें व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाने और अपने आस-पास सफाई बनाए रखने के महत्व को स्पष्ट किया।

नुक्कड़ नाटक में प्रमुख रूप से यह संदेश दिया गया कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डालना किसी भी शहर के स्वच्छता अभियान की रीढ़ है। स्थानीय निवासी अब इस बात को समझने लगे हैं और जागरूकता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। जनता ने यह महसूस किया कि गीले कचरे को अन्य कचरे में मिलाना न केवल सफाई को प्रभावित करता है बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। नगर निगम की टीम ने लोगों को बताया कि कचरे के सही प्रबंधन से शहर की साफ-सफाई बनी रहती है और यह सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे इस दिशा में योगदान दें। नाटक में हास्य और संवाद के माध्यम से संदेश को सहज तरीके से प्रस्तुत किया गया।

नगर निगम ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक और पॉलिथीन के खतरों के प्रति भी जागरूक किया। शहरवासियों को बताया गया कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक और पॉलिथीन का उपयोग पर्यावरण के लिए कितना हानिकारक है। पॉलिथीन जमीन में 500 साल तक नष्ट नहीं होती और जलाने पर जहरीली गैसें निकलती हैं, जो बच्चों, वृद्धों और सभी के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया कि घर से बाजार जाते समय कपड़े के थैले या जूट बैग का प्रयोग करें। नाटक में यह समझाया गया कि छोटे-छोटे बदलाव और सही आदतें शहर को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

स्थानीय नागरिकों ने नुक्कड़ नाटक में दिखाई गई शिक्षाओं को गंभीरता से लिया और गीले व सूखे कचरे को अलग रखने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने के प्रति जागरूकता दिखाई। नाटक के पात्रों के माध्यम से लोगों ने यह महसूस किया कि घर और सार्वजनिक स्थानों में सही तरीके से कचरा डालना न केवल सफाई के लिए जरूरी है, बल्कि यह पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है। नगर निगम की टीम ने बताया कि कचरे का सही प्रबंधन और पुनर्चक्रण शहर की सुंदरता और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नगर निगम काशीपुर ने इस अभियान में शहर के प्रत्येक वार्ड और मोहल्ले में जाकर नागरिकों को प्रत्यक्ष संदेश दिए। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, पॉलिथीन से बचने और अपने आस-पास की सफाई बनाए रखने की सीख दी गई। नागरिकों को यह समझाया गया कि यदि वे व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाएंगे, तो पूरे शहर की सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित हो सकती है। लोगों ने नाटक के संदेश को गंभीरता से लिया और इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प किया।

नगर निगम ने नुक्कड़ नाटक के अंत में स्वच्छता शपथ का आयोजन किया। शपथ में नागरिकों से कहा गया कि वे घर और आसपास गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग रखेंगे, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकेंगे और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे। शपथ के माध्यम से नागरिकों ने नगर निगम के स्वच्छता अभियान में भागीदारी का संकल्प लिया। यह पहल जनसमर्थन और सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए की गई, ताकि काशीपुर शहर को एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाया जा सके। नगर निगम काशीपुर ने यह सुनिश्चित किया कि शपथ कार्यक्रम में शामिल सभी नागरिक अपने आसपास के व्यापारियों और पड़ोसियों को भी इस अभियान में शामिल करें। नगर निगम की टीम ने यह बताया कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर सभी नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, तो काशीपुर को स्वच्छता में श्रेष्ठ बनाना संभव है। नाटक और शपथ कार्यक्रम ने लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना उत्पन्न की।

नगर निगम की टीम ने यह भी समझाया कि प्लास्टिक और पॉलिथीन को जलाना या जमीन में गाड़ना पूरी तरह से हानिकारक है। प्लास्टिक जलाने पर निकलने वाली गैसें मानव स्वास्थ्य, जानवरों और वातावरण के लिए खतरनाक होती हैं। यही कारण है कि नागरिकों को पुनरू उपयोग योग्य कपड़े और जूट बैग का उपयोग करना चाहिए। नगर निगम ने लोगों को यह भी बताया कि शहर में सफाई बनाए रखने के लिए नगर निगम की गाड़ियों को कचरा सही तरीके से देना अनिवार्य है। नुक्कड़ नाटक के दौरान लोगों को यह दिखाया गया कि स्वच्छता अभियान में सभी की भागीदारी जरूरी है। अगर नागरिक स्वयं अपने कचरे के प्रबंधन में सही कदम उठाएंगे, तो नगर निगम की मेहनत सफल होगी। शहरी स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अभियान की सफलता की कुंजी है। इसके माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ी और उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वे अपने घर और आसपास के स्थानों को स्वच्छ रखेंगे। नगर निगम ने नुक्कड़ नाटक के अंत में नागरिकों को गीत के माध्यम से भी संदेश दिया। यह गीत जीवन की जीत और स्वच्छता के महत्व को दर्शाता है। गीत में सभी नागरिकों ने भाग लिया और इसे मिलकर गाया। गीत ने लोगों को प्रेरित किया कि स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा होना चाहिए। नागरिकों ने इस संदेश को गंभीरता से लिया और अपने जीवन में इसे अपनाने का संकल्प किया।

नगर निगम काशीपुर ने यह भी सुनिश्चित किया कि नागरिकों को घर और सार्वजनिक स्थानों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की महत्ता स्पष्ट रूप से समझाई जाए। नागरिकों ने नाटक और शपथ के माध्यम से यह समझा कि छोटे-छोटे बदलाव और सही आदतें शहर को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नगर निगम की पहल ने लोगों में स्वच्छता के प्रति गंभीर रुचि और जिम्मेदारी की भावना उत्पन्न की। नगर निगम के अधिकारी और कार्यकर्ता नागरिकों को यह भी समझा रहे हैं कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है। इसका जलाना या फेंकना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। नागरिकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे जूट या कपड़े के थैले का उपयोग करें और प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें। यह संदेश पूरे शहर में जागरूकता फैलाने के लिए महत्वपूर्ण है। नुक्कड़ नाटक और शपथ कार्यक्रम के माध्यम से नगर निगम ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। सभी नागरिकों ने प्रतिज्ञा ली कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखेंगे, सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करेंगे और नगर निगम के स्वच्छता अभियानों में सहयोग देंगे। इस पहल से काशीपुर शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़े हैं।

नगर निगम काशीपुर की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि अभियान में सभी नागरिक शामिल हों और जनसमूह की भागीदारी से स्वच्छता का संदेश हर वार्ड और मोहल्ले तक पहुंचे। नाटक, गीत और शपथ के माध्यम से नागरिकों में जागरूकता और सहभागिता बढ़ी। लोग अब स्वयं गीले और सूखे कचरे को अलग रखने और पॉलिथीन का कम प्रयोग करने के प्रति सजग हो गए हैं। इस तरह, नगर निगम काशीपुर के नुक्कड़ नाटक और शपथ अभियान ने नागरिकों में स्वच्छता के प्रति गंभीर जागरूकता पैदा की है। नागरिकों ने अपने घर, मोहल्ला और आसपास के क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक उपयोग में कमी और सफाई बनाए रखने का संकल्प लिया। नगर निगम की यह पहल शहर की स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

नगर निगम काशीपुर की पहल ने यह संदेश दिया कि जनभागीदारी के बिना शहर को स्वच्छ बनाए रखना मुश्किल है। नागरिकों ने नाटक, शपथ और गीत के माध्यम से यह समझा कि स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। इस पहल से पूरे काशीपुर में स्वच्छता अभियान को मजबूती मिली है। नगर निगम काशीपुर ने पूरे अभियान के दौरान यह भी सुनिश्चित किया कि नागरिक स्वयं सक्रिय रूप से भाग लें और अपने आसपास के लोगों को भी इस मिशन में शामिल करें। यह पहल लोगों में जागरूकता बढ़ाने और शहर को स्वच्छ बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। नागरिकों ने इस संदेश को गंभीरता से लिया और इसे अपनाने का संकल्प लिया।

नगर निगम काशीपुर के नुक्कड़ नाटक, शपथ और गीत अभियान ने शहर के नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता पैदा की। नागरिकों ने घर और सार्वजनिक स्थानों में गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग कम करने और नगर निगम की स्वच्छता पहलों में सहयोग देने का संकल्प लिया। इस अभियान के माध्यम से नगर निगम काशीपुर ने यह सुनिश्चित किया कि शहर के हर नागरिक को स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के महत्व को समझाया जाए। नागरिकों ने अपने घर, मोहल्ला और आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने का संकल्प लिया और नगर निगम के साथ मिलकर काशीपुर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रतिबद्धता जताई।

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