काशीपुर। लंबे समय से उपेक्षित पड़ीं जनसमस्याओं को लेकर एक बार फिर तीखी आवाज उठी है और इस बार यह आवाज सिर्फ नाराजगी नहीं, बल्कि जनभावनाओं का सीधा प्रतिबिंब बनकर सामने आई है। शहर के सामाजिक व श्रमिक संगठनों से जुड़े वरिष्ठ नेता वेद प्रकाश विद्यार्थी भैया, जो कि प्रदेश मुख्य संरक्षक अ०भा० ब्राह्मण महासभा एवं प्रदेश अध्यक्ष हिन्द मजदूर सभा उत्तराखंड हैं, ने जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि काशीपुर की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगी। वर्षों से लटकी पड़ी सबसे गंभीर समस्या काशीपुर चीनी मिल के मजदूरों एवं कर्मचारियों के 42 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान की है, जो सैकड़ों परिवारों की आजीविका और भविष्य से जुड़ा हुआ है। मजदूरों की मेहनत की कमाई समय पर न मिलना न केवल अन्याय है, बल्कि प्रशासनिक असंवेदनशीलता का भी उदाहरण है। वेद प्रकाश विद्यार्थी भैया ने साफ शब्दों में कहा कि यदि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनआंदोलन को और उग्र स्वरूप दिया जा सकता है। काशीपुर के इतिहास, संघर्ष और श्रमशील जनता का यह अपमान अब सहन नहीं होगा।
वेद प्रकाश विद्यार्थी भैया ने कहा कि इतिहास की बात करें तो उत्तराखंड निर्माण के राज्य आन्दोलन कारियो का चिन्हीकरण भी आज तक विधिवत रूप से नहीं हो पाया है, जबकि इन्हीं जुझारू लोगों की बदौलत आज हमें अलग राज्य का अस्तित्व मिला। जिन हाथों में कभी तिरंगे की रक्षा की आग थी, आज वही हाथ मान-सम्मान के लिए तरस रहे हैं। इन असली नायकों को सरकारी स्तर पर पहचान न मिलना पूरे आंदोलन का अपमान है। इसके साथ-साथ काशीपुर जिले की घोषणा भी वर्षों से केवल राजनीतिक भाषणों और चुनावी नारों तक सीमित रह गई है। लगातार बढ़ती आबादी, विकास की संभावनाएं और प्रशासनिक जरूरतों के बावजूद काशीपुर को जिले का दर्जा न मिलना सरकार की इच्छाशक्ति पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। वेद प्रकाश विद्यार्थी भैया ने कहा कि यदि काशीपुर को जिला बनाया जाए तो न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि शासन-प्रशासन आम जनता के और अधिक नजदीक पहुंचेगा। यह मांग केवल भूगोल की नहीं, बल्कि जनआत्मसम्मान और विकास की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है।
वेद प्रकाश विद्यार्थी भैया ने कहा कि शहर के बुनियादी ढांचे की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है, खासकर राम नगर रोड पर अधूरे पड़े फ्लाई ओवर का निर्माण वर्षों से जनता के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। रोजाना हजारों वाहन, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और कामकाजी लोग इसी सड़क से गुजरते हैं, जहां अधूरा निर्माण खतरे का रूप ले चुका है। कई बार इस अधूरे ढांचे के कारण जाम और दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। वेद प्रकाश विद्यार्थी ने कहा कि इसी तरह रोडवेज बस स्टैंड का मुद्दा भी लंबे समय से अनसुलझा बना हुआ है। यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रहीं, न बैठने की समुचित व्यवस्था, न स्वच्छता और न ही सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम। विकास के दावों के बीच यह हकीकत काशीपुर की बदहाल तस्वीर पेश करती है। वेद प्रकाश विद्यार्थी भैया ने प्रशासन से मांग की है कि इन दोनों विषयों को प्राथमिकता में रखते हुए तत्काल कार्य योजना बनाकर उसे धरातल पर उतारा जाए। काशीपुर की जनता अब और इंतजार नहीं करना चाहती।
वेद प्रकाश विद्यार्थी ने कहा कि सामाजिक और औद्योगिक दृष्टि से भी काशीपुर को एक मजबूत आधार की आवश्यकता है, जिसके अंतर्गत काशीपुर में सहायक श्रमायुक्त कार्यालय खोलना बेहद जरूरी हो गया है। श्रमिकों, फैक्ट्री कर्मचारियों और मजदूरों से जुड़े सैकड़ों मामले ऐसे हैं जिनके निपटारे के लिए लोगों को जिले के के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यदि स्थानीय स्तर पर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय स्थापित किया जाता है, तो श्रमिक वर्ग को बड़ा राहत मिलेगी और उनके अधिकारों की रक्षा अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। वेद प्रकाश विद्यार्थी कहते है कि शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को और अधिक सशक्त करने के लिए मुंसीराम चौराहा का नाम मां मनसा देवी चौराह रखे जाने की मांग भी तेजी से उठ रही है। क्षेत्र के लोगों की आस्था और श्रद्धा इससे जुड़ी हुई है, और यह नामकरण न केवल धार्मिक महत्व रखेगा, बल्कि काशीपुर की एक विशिष्ट पहचान भी बनाएगा। यह मांग वर्षों से जनभावना में है, जिसे अब आधिकारिक मान्यता दिए जाने का समय आ चुका है।
वेद प्रकाश विद्यार्थी कहते है कि शहर की ऐतिहासिक विरासत और महान व्यक्तित्वों के सम्मान का विषय भी अभी अधर में लटका है, विशेषकर डाक्टर लेन हलवाई लेन का नाम स्व० पंडित रामदत्त जोशी जी पूर्व विधायक मार्ग रखे जाने का प्रस्ताव, जो नगर पालिका में पहले ही पास हो चुका है। इसके बावजूद आज तक वहां पत्थर नहीं लगाया गया, जबकि यह मार्ग श्री हनुमान मन्दिर से श्रीनाग नाथ मंदिर तक एक प्रमुख रास्ता है। इस देरी से न केवल एक जनप्रतिनिधि के योगदान का अपमान हो रहा है, बल्कि प्रशासन की सुस्ती भी उजागर हो रही है। वहीं दूसरी ओर काशीपुर के सभी कुओं की सफाई तथा मरम्मत की आवश्यकता भी अत्यंत गंभीर है। ये कुएं केवल जलस्रोत ही नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक धरोहर भी हैं, जो आज गंदगी, टूट-फूट और उपेक्षा का शिकार हो चुके हैं। वेद प्रकाश विद्यार्थी भैया ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब समय आ गया है जब इन सभी समस्याओं का वास्तविक समाधान कराया जाए, न कि केवल फाइलों में उन्हें दबाकर रखा जाए। जनआक्रोश बढ़ रहा है और यदि इसे समय रहते नहीं समझा गया, तो इसकी गूंज दूर तक सुनाई देगी।



