spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडकांग्रेस का कैंडल मार्च वोट चोर गद्दी छोड़ नारे संग लोकतंत्र बचाने...

कांग्रेस का कैंडल मार्च वोट चोर गद्दी छोड़ नारे संग लोकतंत्र बचाने का संकल्प

लोकतंत्र की रक्षा और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कांग्रेसजनों का कैंडल मार्च भाजपा पर सीधा प्रहार कर जनजागरण अभियान का रूप लेता दिखा

कांग्रेस नेताओं ने वोट चोर गद्दी छोड़ नारे के साथ कैंडल मार्च निकाला और भाजपा पर जमकर निशाना साधा. कैंडल मार्च में कांग्रेस महानगर कांग्रेस कमेटी काशीपुर केे अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन के नेतृत्व में एम.पी. चौक से कैंडल मार्च निकालते हुए शहर को एकजुटता और संघर्ष की मिसाल दी। यह अभियान केवल किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के सम्मान और भारतीय नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए एक निर्णायक लड़ाई है। कैंडल मार्च में शामिल कांग्रेसजनों ने जोश और संकल्प के साथ यह स्पष्ट कर दिया कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी, चुनाव आयोग की निष्क्रियता और केंद्र सरकार की कथित मिलीभगत को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे आयोजन के दौरान माहौल जोशीले नारों और जलती मोमबत्तियों की रोशनी से लोकतांत्रिक चेतना से भरपूर नजर आया।

महाराणा प्रताप चौक पर पहुंचने के बाद वक्ताओं ने राहुल गांधी द्वारा 7 अगस्त 2025 को प्रेस वार्ता में उजागर किए गए चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के मुद्दे पर अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस साहस और स्पष्टता के साथ “वोट चोर” और चुनावी धांधली के खिलाफ आवाज उठाई है, वह लोकतंत्र के हर सच्चे प्रहरी के लिए प्रेरणा है। वक्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी से लोकतंत्र की मूल आत्मा को चोट पहुंच रही है और यह भारतीय जनमानस के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उनका कहना था कि भाजपा अपने राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही, लेकिन कांग्रेस इसे जन आंदोलन के माध्यम से हर स्तर पर उजागर करेगी।

कैंडल मार्च में मौजूद कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां थामे और जोशीले नारों के साथ लोकतंत्र बचाने और जनता के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। उत्तराखंड कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के आह्वान पर आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आंदोलन में ऊर्जा भर दी। रैली के दौरान कांग्रेसजनों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह लड़ाई केवल विरोध दर्ज कराने भर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से हर गली, मोहल्ले और गांव में “वोट चोर, गद्दी छोड़” का संदेश पहुंचाया जाएगा। इस अभियान को एक जनजागरण में बदलते हुए कांग्रेस ने साफ कर दिया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर संघर्ष का सामना किया जाएगा और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए वे हर मोर्चे पर डटे रहेंगे।

पीसीसी सदस्य अनुपम शर्मा ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को बचाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी, चुनाव आयोग की चुप्पी और केंद्र सरकार की कथित मिलीभगत लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। अनुपम शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी दल विशेष के लिए नहीं, बल्कि हर उस नागरिक के लिए है जो अपने मतदान के अधिकार को पवित्र मानता है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई धांधली को एक बड़ा लोकतांत्रिक खतरा बताते हुए कहा कि इसे रोकना समय की मांग है। अनुपम शर्मा ने सभी जागरूक लोगों से आह्वान किया कि वे इस आंदोलन का हिस्सा बनें और न्याय, पारदर्शिता तथा संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं।

प्रदेश सचिव जितेंद्र सरस्वती ने अपने संबोधन में कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” का नारा केवल एक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का एक बड़ा संकल्प है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी और चुनाव आयोग की चुप्पी लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। जितेंद्र सरस्वती ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस निर्भीकता से इस मुद्दे को देश के सामने रखा है, वह हर लोकतंत्र प्रेमी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की आवाज दबाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाएं और न्याय, पारदर्शिता तथा मताधिकार की रक्षा के लिए मजबूती से संघर्ष करें।

पूर्व महानगर अध्यक्ष संदीप सेहगल ने अपने संबोधन में कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” का नारा केवल नाराजगी की आवाज नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को बचाने का एक सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी और चुनाव आयोग की निष्क्रियता ने आम जनता के विश्वास को गहराई से चोट पहुंचाई है। संदीप सेहगल ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने जिस साहस से इस मुद्दे को उजागर किया है, उसने देशभर में लोकतंत्र के प्रति सजगता को नया जीवन दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस लड़ाई को केवल विरोध तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जनजागरण का रूप दें ताकि हर गली, हर मोहल्ले और हर गांव तक यह संदेश पहुंचे कि मताधिकार की रक्षा ही असली देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तभी सफल होगा जब जनता संगठित होकर इसे अपनी लड़ाई बनाए।

अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन ने कैंडल मार्च के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” का यह अभियान किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा और भारतीय नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी और चुनाव आयोग की निष्क्रियता, केंद्र सरकार की मिलीभगत को उजागर करती है। यह केवल कांग्रेस की लड़ाई नहीं, बल्कि हर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे अलोकतांत्रिक कृत्यों के खिलाफ आवाज बुलंद करे। मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई चुनावी धांधली लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और इसे अनदेखा करना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से अपील की कि वे इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाएं और सत्य, न्याय तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान दें।

उत्तराखंड महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अलका पाल ने कैंडल मार्च के दौरान अपने संबोधन में कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” का यह आह्वान सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा और जनता के अधिकारों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी और चुनाव आयोग की लापरवाही जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने जिस साहस और निडरता के साथ इस गंभीर मुद्दे को देश के सामने रखा है, वह हर लोकतंत्र प्रेमी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सत्ता के अहंकार के खिलाफ जनता की एकजुट आवाज है, जो तब तक जारी रहेगा जब तक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था बहाल नहीं होती। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस संघर्ष में आगे आकर अपना योगदान दें।



संबंधित ख़बरें
शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!