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अपराध की परतें खुलती, पिता-पुत्र के रहस्य उजागर हुए

जगजीत सिंह के खुलासे से खुला राज, पुत्र ने घर से तमंचा-कारतूस लिया सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल पुलिस जांच में नए तथ्य सामने आएं

काशीपुर। गुरु नानक स्कूल में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे शहर को दहला दिया है और इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच के दौरान किशोर के पिता जगजीत सिंह पुत्र कश्मीर सिंह निवासी गुलजारपुर को चौकी कुंडेश्वरी में बुलाकर विधिक प्रक्रिया के तहत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान जगजीत सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उनका पुत्र घर से तमंचा और कारतूस लेकर गया था। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि तीन जिन्दा कारतूस उन्होंने घर के पास छुपा कर रखे थे। इस खुलासे ने पुलिस की जांच को एक नई दिशा दी और इस घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया। पुलिस ने जगजीत सिंह के बयान के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए तलाशी अभियान शुरू किया।

पुलिस टीम ने जगजीत सिंह के निशानदेही पर घर के पास से तीन जिन्दा अवैध कारतूस (315 बोर) बरामद किए। यह बरामदगी दर्शाती है कि घर में पहले से ही हथियार रखने की प्रवृत्ति मौजूद थी। अवैध कारतूस की बरामदगी के साथ ही पुलिस ने जगजीत सिंह के खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में अदालत के आदेश और कानून की प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। पुलिस अधिकारी बताते हैं कि इस तरह के खुलासे यह संकेत देते हैं कि किशोर की ओर से किए गए अपराध में परिवार की भूमिका भी पूरी तरह से जांच के दायरे में है।

जानकारी के अनुसार जगजीत सिंह के आपराधिक इतिहास ने भी पुलिस को सतर्क कर दिया है। वर्ष 2015 में भी उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा पंजीकृत हो चुका है, जिससे उनकी आपराधिक प्रवृत्ति उजागर होती है। इस बात ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पैदा कर दी कि वर्तमान मामले में किसी भी प्रकार की चूक न हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में पारिवारिक पृष्ठभूमि और पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का विश्लेषण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यही वजह है कि उन्होंने जांच के दौरान सभी पहलुओं को विस्तार से देखना शुरू किया।

काशीपुर पुलिस इस समय गुरु नानक स्कूल फायरिंग प्रकरण के अन्य पहलुओं पर भी गहन जांच कर रही है। इसमें न केवल आरोपी किशोर और उसके पिता बल्कि उनके आसपास के अन्य संभावित संदिग्धों के कनेक्शन को भी देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा व्यापक रखा गया है ताकि अपराध में शामिल सभी पक्षों की पहचान की जा सके। इस कदम से यह संदेश भी जाता है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति सुरक्षा की गारंटी नहीं रख सकता और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने काशीपुर में सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब प्राथमिकता बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए न केवल सुरक्षा उपाय बढ़ाने की जरूरत है बल्कि अभिभावकों की जिम्मेदारी और मानसिकता पर भी ध्यान देना जरूरी है। इस मामले में जगजीत सिंह के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परिवार की निगरानी और बच्चों के व्यवहार पर ध्यान न देना गंभीर परिणाम ला सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक सभी संभावित सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखा जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच में जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस प्रकरण से न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे शहर में शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने की आवश्यकता उजागर हुई है। पुलिस का यह संदेश है कि अपराधियों के खिलाफ कोई समझौता नहीं होगा और कानून के दायरे में सभी को लाया जाएगा।

काशीपुर में गुरु नानक स्कूल फायरिंग मामले की यह जांच लगातार विकसित हो रही है और इसमें नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस अधिकारी इस मामले में पूरी सतर्कता और गंभीरता से काम कर रहे हैं ताकि दोषियों को कठोर सजा मिल सके। इसके अलावा शहरवासियों को भी यह संदेश गया है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं बल्कि परिवार और समाज की भी है। इस मामले की गहन जांच और अवैध हथियार बरामदगी ने काशीपुर में अपराध के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है।

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कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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