काशीपुर। काशीपुर पहुंचे नैनीताल-ऊधमसिंहनगर सांसद अजय भट्ट ने आत्मनिर्भर भारत जिला कार्यशाला और सांसद खेल महोत्सव में भाग लेने के बाद मीडिया से संवाद किया और इस दौरान उन्होंने समाज में सौहार्द बिगाड़ने और नकल प्रकरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। अजय भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकता साफ है कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी वर्ग, धर्म, जाति या क्षेत्र से जुड़ा हो, यदि वह भाईचारे और सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज उस राह पर है जहां विकास और सामाजिक समरसता साथ-साथ बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस सोच को पूरी ईमानदारी और दृढ़ता के साथ जमीन पर उतार रहे हैं।
कड़े शब्दों में अजय भट्ट ने कहा कि यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले ने युवाओं की मेहनत और भविष्य से खिलवाड़ किया था, लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने बिना देरी किए कठोर कानून बनाकर माफियाओं पर नकेल कसी। उन्होंने कहा कि लगभग दो सौ से अधिक गिरफ्तारियां इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार किसी को भी बख्शने वाली नहीं है। सांसद ने बताया कि इस पूरे मामले में उच्च स्तर तक की जांच जारी है और अगर कोई बड़ा अधिकारी भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने इस निर्णय को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और राज्य में पारदर्शिता कायम करने के लिए ऐतिहासिक करार दिया।

उत्तराखंड की पहचान स्वच्छ शासन और साफ नीयत के रूप में स्थापित हो रही है, यह कहते हुए अजय भट्ट ने जोर दिया कि चाहे भ्रष्टाचार का मामला हो या समाज को तोड़ने की साजिश, सरकार निष्पक्षता से कार्य करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिश्तेदारी, राजनीतिक दबाव या किसी भी तरह की संरक्षण की दीवार आरोपी को बचा नहीं सकेगी। सांसद ने कहा कि न्याय में समझौते का कोई स्थान नहीं है और यह संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार से प्रेरित है जिसमें कहा गया है – “न मैं खाऊंगा, न खाने दूंगा।”
बातचीत में अजय भट्ट ने युवाओं और विद्यार्थियों की आवाज पर सरकार की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए कहा कि जब छात्रों ने नकल प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग उठाई, तो मुख्यमंत्री धामी ने तुरंत आदेश जारी करके यह साबित किया कि उनकी सरकार पारदर्शिता और न्याय की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा युवाओं के बीच जाकर संवाद करना और उनकी पीड़ा को समझना अपने आप में एक मिसाल है। इस कदम ने न सिर्फ युवाओं का विश्वास जीता बल्कि यह भी सिद्ध किया कि उत्तराखंड सरकार जनता की अपेक्षाओं को सर्वोच्च महत्व देती है।
सांसद ने कहा कि जिस तरह कठोर और निर्णायक कार्रवाई राज्य सरकार ने की है, वैसी पहले शायद ही देखने को मिली हो। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों और नकल माफियाओं को पकड़ने के साथ-साथ समाज में सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि “आई लव मोहम्मद” जैसे विवादित मामलों के बहाने यदि कोई समाज को बांटने की कोशिश करेगा तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प अडिग है और भाईचारे को तोड़ने वाले किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे।
अजय भट्ट ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड आने वाले समय में पारदर्शी शासन और सामाजिक समरसता की नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि लोग साफ-सुथरे प्रशासन की अपेक्षा रखते हैं और वर्तमान सरकार इस उम्मीद पर पूरी तरह खरी उतर रही है। सांसद ने यह भी कहा कि जो कदम अब उठाए गए हैं, वे आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देंगे कि उत्तराखंड में केवल योग्यता और ईमानदारी से ही आगे बढ़ा जा सकता है।

अंत में अजय भट्ट ने स्पष्ट संकेत दिया कि चाहे मामला कितना भी संवेदनशील क्यों न हो, सरकार निष्पक्षता से काम करेगी और किसी भी दोषी को संरक्षण नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज सर्वोच्च है और हर नागरिक को इसका पालन करना होगा। सांसद ने कहा कि यह कठोर निर्णय केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान नहीं है बल्कि यह आने वाले समय में भी उत्तराखंड की साफ-सुथरी छवि को बनाए रखने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार जनता की निष्ठा, युवाओं की उम्मीद और समाज की एकता के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।



